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वालिद के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके जाकिर नाईक, श्रद्धांजलि देने आ सकते हैं भारत

मुंबई: इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाईक के पिता अब्दुल करीम नाईक का रविवार सुबह मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया। सूत्रों के मुताबिक नाईक इस वक्त मलेशिया में है औऱ किसी कारणवश वो अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी नहीं आया। नाईक के पिता पेशे से फिजिशयन और शिक्षाविद थे, साथ ही वह 1994-95 के दौरान बॉम्बे साइकिएट्रिक सोसाइटी के प्रेसिडेंट भी रह चुके थे। आइआरएफ (इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन) के मैनेजर मंजूर शेख के मुताबिक, ‘डॉ करीम की जिंदगी को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता, वे जितने मशहूर मुस्लिम लोगों में थे उतने ही हिंदुओं में भी थे।

उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अहम योगदान दिया है। पिछले दो दिनों से उनका ब्लड प्रेशर कम हो गया था और साथ ही उनके अंगों ने भी काम करना बंद कर दिया था। यह सब काफी जल्दी हुआ, जिसकी वजह से जाकिर अंतिम संस्कार में नहीं आ पाया। नाईक के पिता अब्दुल करीम के अंतिम संस्कार में करीब 1500 लोग शामिल हुए जिनमें वकील, डॉक्टर, नेता, पत्रकार और कई बिजनेसमैन थे। स्थानीय पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच की टीम भी कब्रिस्तान में मौजूद थी। जानकारी के मुताबिक जाकिर अपने पिता को श्रद्धांजलि देने के लिए जल्द ही भारत आ सकता है।

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