Saturday , December 16 2017

विकास के नाम पर बर्बादी, गांव और‌ किसानों को उजाड़ा

अहमदाबाद।[सियासत न्युज ब्युरो/फखरूद्दीन] गुजरात कि मौजुदा मोदी सरकार ने पिछले दस साल के अरसे में दो लाख हेक्टेयर से भी ज्यादा जमीन सस्ते दामों पर सरमायादारो को सौंप दी है जिससे सरकार को 30 हजार करोड़ की चपत लगी है। सरकार ने यह जमीन ए

अहमदाबाद।[सियासत न्युज ब्युरो/फखरूद्दीन] गुजरात कि मौजुदा मोदी सरकार ने पिछले दस साल के अरसे में दो लाख हेक्टेयर से भी ज्यादा जमीन सस्ते दामों पर सरमायादारो को सौंप दी है जिससे सरकार को 30 हजार करोड़ की चपत लगी है। सरकार ने यह जमीन एक रुपए से नौ सौ रुपए के दाम पर फराहम‌ कराई है।

गुजरात इन्केलाब‌ पार्टी के जनरलसेक्रेटरी गोरधन झड़फिया ने पत्रकारों को बताया है मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने विकास के नाम पर सरमायादारो को सस्ते दाम पर जमीन देने में रिकार्ड कायम किया है। देश में किसी भी राज्य में इतनी सस्ती और अच्छी जमीन किसानों से छीनकर सरमायादारो को नहीं दी गई।

झउ़पिया ने कहा कि धोलेरा सर के नाम पर 28 गांवों की अच्छी और खैती के लायक‌ जमीन सरमायादारो को देने का प्रोग्राम‌ है। झउ़फिया ने किसानों से दरखास्त‌ कि है कि अब एक इंच जमीन भी सरमायादारो को नहीं देगे।

उनका मानना है कि खैती के लायक‌ जमीन उद्योगों के लिए दी जा रही है जिससे किसान बेकार होकर आत्महत्या कर रहे हैं और‌ मूक कि वजा से जानवर कत्लखानें पहुंच रहे हैं। गुजरात सरकार गौवं की हिफाजत‌ के दावे करती है लेकिन उसके इरादे किसान
और‌ गौवं मुखालिफ‌ है।

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