विजयवाड़ा में सरकारी दफ़ातिर के लिए इमारतों की तलाश

विजयवाड़ा में सरकारी दफ़ातिर के लिए इमारतों की तलाश

हैदराबाद 29 जुलाई:हुकूमत आंध्र प्रदेश ने सीनीयर ओहदेदारों की एक कमेटी तशकील दी है जो विजयवाड़ा और इसके अतराफ़ में सरकारी दफ़ातिर के लिए आरिज़ी जगहों-ओ-इमारतों की निशानदेही करेगी।

विजयवाड़ा के इलाके में आंध्र  प्रदेश रियासत का नया दारुल हुकूमत तामीर किया जा रहा है। इस कमेटी का क़ियाम एहमीयत का हामिल है क्युंकि ये इत्तेलाआत हैंके आंध्र प्रदेश हुकूमत कुछ सरकारी दफ़ातिर-ओ-मह्कमाजात को हैदराबाद से विजयवाड़ा मुंतक़िल करने का अमल शुरू करना चाहती है।

ए पी के चीफ़ सेक्रेटरी वाई आर कृष्णा राव‌ की तरफ से जारी करदा एक सरकारी हुक्मनामा में कहा गया हैके ये कमेटी एसी इमारतों की निशानदेही करेगी जहां फ़ौरी तौर पर क़बज़ा मिल सके और जहां फ़ौरी तौर पर सरकारी दफ़ातिर-ओ-मह्कमाजात को मुंतक़िल किया जा सके।

इस कमेटी का बहुत जल्द मीटिंग मुनाक़िद होगा जो जल्द अज़ जल्द हुकूमत को अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। तंज़ीम जदीद आंध्र प्रदेश क़ानून के तहत हैदराबाद को तेलंगाना-ओ-आंध्र प्रदेश का 10 बरस तक के लिए मुशतर्का दारुल हुकूमत बनाया गया है।

दस साल के बाद आंध्र प्रदेश को अपने नए दारुल हुकूमत को मुंतक़िल होजाना है। ताहम वुज़रा और मह्कमाजात के सरबराहान के  मीटिंग में चीफ़ मिनिस्टर एन चंद्रबाबू नायडू ने ओहदेदारों को हिदायत दी थी के वो हुकूमत की ख़िदमात को तीन ज़मरों में तक़सीम करें। एक ज़मुरा फ़लाही कामों का दूसरा रेगूलेटरी कामों का और तीसरा तरक़्क़ीयाती कामों का होना चाहीए।

ये फ़ैसला किया गया था कि हुकूमत बैन मुवासलाती निज़ाम इख़तियार करेगी ताके मह्कमाजात के सरबराहान और वुज़रा और चीफ़ मिनिस्टर के माबैन बेहतर ताल मेल और रब्त ज़बत मुम्किन होसके।

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