Monday , July 16 2018

विधायकों की घेराबंदी यानी BJP में है अविश्वास: गहलोत

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि राज्यसभा चुनाव में जीत और हार अलग बात है लेकिन मुख्यमंत्री ने अपने विधायकों की बाड़ेबंदी करके जो व्यवहार किया है, वो शर्मनाक है। इससे साबित हो गया है कि मुख्यमंत्री ने अपना नैतिक अधिकार खो दिया है।

गहलोत ने राज्यसभा चुनाव में मतदान के अवसर पर मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री ने स}ाा में आने के बाद अपने विधायकों के साथ जो व्यवहार किया है, उसके कारण उनकी इतनी मोरल अथॉरिटी भी नहीं रही कि तमाम विधायक अनुशासन में रहकर वोट दे सकंे। व्हिप जारी करने के बाद विधायकों की बाड़ेबंदी करनी पड़ी, जैमर लगाने पड़े और ग्रुप लीडर बनाए गए, इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा? इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि भाजपा की अंदरूनी स्थिति क्या है? पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस चुनाव से यह भी साबित हो गया है कि भाजपा में आपस में अविश्वास है, आक्रोश है और इसकी अभिव्यक्ति खुलकर सामने आ गई है।

निर्दलीय उम्मीदवार कमल मोरारका के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ रहे मोरारका को समर्थन देना उचित समझा।

TOPPOPULARRECENT