विप्रो और कॉग्निजेंट के बाद इन्फोसिस भी करेगी ‘सैकड़ों’ कर्मचारियों की छटनी

विप्रो और कॉग्निजेंट के बाद इन्फोसिस भी करेगी ‘सैकड़ों’ कर्मचारियों की छटनी
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बेंगलुरु। विप्रो और कॉग्निजेंट के बाद अब इन्‍फोसिस ने भी परफॉर्मेंस रिव्‍यू करना शुरू कर दिया है। इस रिव्‍यू के बाद इन्‍फोसिस मिड और सीनियर लेवल के कर्मचारियों की छटनी कर सकती है।

 

 

 

ये छटनी सैकड़ों की संख्‍या में हो सकती है। इन्‍फोसिस कर रही परफॉर्मेंस रिव्‍यू भारतीय आईटी कंपनियों की तरफ से यह कदम बढ़ते खर्च पर लगाम कसने के लिए उठाया जा रहा है।

 

 

 

जहां इन्‍फोसिस परफॉर्मेंस रिव्‍यू करने में जुटी हुई है वहीं, वह 10 हजार अमेरिकी नागरिकों को नौकरी देने की बात कह चुकी है। कंपनी ने कहा है कि वह अगले दो सालों के भीतर यूएस में अपने चार सेंटर खोलेगी और स्‍थानीय लोगों को नौकरी देगी।

 

 

 

इन्‍फोसिस ने ट्रम्‍प प्रशासन की तरफ से वीजा के नियम कड़े किए जाने के बाद यह फैसला लिया। इन्‍फोसिस के प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर बताया कि कंपनी के भीतर सालाना परफॉर्मेंस एसेसमेंट चल रहा है।

 

 

 

उन्‍होंने बताया जिन लोगों का लगातार खराब प्रदर्शन सामने आएगा, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इस कार्रवाई के तहत उस व्‍यक्ति को कंपनी से अलग भी किया जा सकता है।

 

 

 

 

हालांकि यह फैसला फीडबैक मिलने के बाद ही लिया जायेगा। उन्होंने हालांकि ये जानकारी नहीं दी कि इसका असर कितने लोगों पर पड़ेगा लेकिन कंपनी के सैकड़ों कर्मचारी इसमें आएंगे। पिछले हफ्ते ही यूएस की कॉग्निजेंट ने वॉलेन्टियरी सेपरेशन प्रोग्राम शुरू किया था।

 

 

 

 

 

इसके तहत उसने डायरेक्‍टर्स, एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट को कंपनी से स्‍वयं अलग होने के लिए यह प्रोग्राम शुरू किया। इसके तहत कंपनी से अलग होने वाले कर्मचारी को 6 से 9 महीने की सैलरी दी जाएगी।

 

 

 
वहीं, विप्रो भी अपने करीब 600 कर्मचारियों की छटनी करने की तैयारी कर रही है। सालाना परफोर्मेंस अप्रेजल के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। ऐसी भी आशंका जताई जा रही है कि कंपनी 2000 से ज्‍यादा लोगों की छटनी कर सकती है।

 

 

 

 

देश में सबसे ज्‍यादा आईटी कंपनियां ही नौकरी देती हैं। हालांकि उन्‍होंने चेतावनी दी है कि कंपनियों में ज्‍यादातर प्रक्रियाएं अब ऑटोमैटिक होती जा रही हैं। ऐसे में आने वाले सालों में हायरिंग में काफी कमी आएगी।

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