विराट कोहली को आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले जेम्स एंडरसन को इंजमाम ने की खिंचाई

विराट कोहली को आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले जेम्स एंडरसन को इंजमाम ने की खिंचाई

कराची : इंजमाम उल हक ने टीम इंडिया के टेस्ट कैप्टन विराट कोहली को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले जेम्स एंडरसन की आलोचना की है। इंजमाम ने कहा कि इंग्लैंड के तेज गेंदबाज को भारतीय कप्तान की क्षमता पर उंगली उठाने से पहले उन्हें भारत में विकेट लेने चाहिए। एंडरसन ने हाल ही में कहा था कि भारतीय पिचों में उछाल नहीं होने के कारण मौजूदा टेस्ट सीरीज में कोहली की तकनीकी कमियां उजागर नहीं हो सकी हैं।

इंजमाम ने सोमवार रात जियो सुपर स्पोर्ट्स चैनल पर कहा, ‘मैं हैरान हूं कि एंडरसन ने कोहली के रनों और क्षमता पर उंगली उठाई क्योंकि मैंने उन्हें भारत में ज्यादा विकेट लेते नहीं देखा।’ उन्होंने कहा, ‘क्या एंडरसन यह कहना चाहते हैं कि यदि आप इंग्लैंड में रन बनाते हैं तो ही आप पर अच्छे बल्लेबाज होने का ठप्पा लगेगा। क्या इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों को उपमहाद्वीप में परेशानी नहीं आती। क्या इसके मायने हैं कि वे खराब खिलाड़ी या कमजोर टीमें हैं। मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि रन कहां बने हैं क्योंकि टेस्ट मैचों में रन तो रन होते हैं।’

इंजमाम ने कहा, ‘मैं बल्लेबाज का आंकलन इससे करता हूं कि उसने कितनी बार रन बनाकर टीम को मैच जिताया है। यदि बल्लेबाज के 80 रन से टीम जीतती है तो मेरे लिये वह 150 रन से बढ़कर है।’ पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज ने कहा, ‘कोहली बेहतरीन खिलाड़ी है और जब वह रन बनाता है तो उसकी टीम अच्छा खेलती है। यह ही उम्दा बल्लेबाज की निशानी है। उसमें रनों की भूख है।’

उन्होंने कहा कि एशियाई लोगों को अपनी ही टीम और खिलाड़ियों पर सवाल उठाने की आदत है जबकि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया हमेशा अपने क्रिकेटरों का साथ देते हैं। उन्होंने कहा, ‘यदि वे अच्छा नहीं खेलते तो हम अपनी टीमों और खिलाड़ियों पर खुद उंगली उठाते हैं। हमें यह नहीं भूलना चाहिये कि ऑस्ट्रेलिया श्रीलंका में हारा और हमने यूएई में इंग्लैंड का सफाया किया।’

इंजमाम ने यह भी कहा कि अपनी कप्तानी में उन्हें भारतीय बल्लेबाजों में सबसे ज्यादा डर वीरेंद्र सहवाग से लगता था। उन्होंने कहा, ‘सहवाग खतरनाक खिलाड़ी था क्योंकि यदि वह 80 रन भी बनाता तो टीम 300 से अधिक का स्कोर कर जाती थी। जितना समय वह क्रीज पर रहता, गेंदबाजों का मनोबल गिरा देता था। बतौर कप्तान वह मेरे लिए चिंता का सबब था।’

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