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वि आर ओज़ का इम्तेहान उर्दू में मुनाक़िद करने एम पी जे की माइनारिटी कमीशन से नुमाइंदगी

वज़ीर माल , हुकूमत आंधरा प्रदेश की जानिबसे विल्लेज रेवन्यू ऑफिसर्स और विल्लेज रेवन्यू अस्सिटैंटस के लिए 19 फरवरी को मुनाक़िदहोने वाले इम्तेहानात के जवाबात उर्दू में भी लिखे जाने के तीक़न के बावजूद मुताल्लिक़ा महकमा ने ये ऐला

वज़ीर माल , हुकूमत आंधरा प्रदेश की जानिबसे विल्लेज रेवन्यू ऑफिसर्स और विल्लेज रेवन्यू अस्सिटैंटस के लिए 19 फरवरी को मुनाक़िदहोने वाले इम्तेहानात के जवाबात उर्दू में भी लिखे जाने के तीक़न के बावजूद मुताल्लिक़ा महकमा ने ये ऐलान कर के उर्दू दां उम्मीदवारों को मायूस कर दिया कि 37,000 जायदादों के लिए इस मसाबिकती इम्तेहान के जवाबात सिर्फ़ तेलगू ज़बान ही में क़बूल किए जाएंगे । उर्दू में जवाबात नाक़ाबिल-ए-क़बूल होंगे ।

इस ऐलान से इस इम्तेहान में शरीक होने वाले उर्दू दां उम्मीदवारों को सरकारी मुलाज़मत के हुसूल से दूर रखने की साज़िश रचने का जवाज़ पैदा होता है । ख़्वाजा मैन अलुद्दीन जनरल सैक्रेटरी , सलीम अलहनदी नायब सदर और एम ए ख़ालिक़ राशिद पर मुश्तमिल मूवमैंट फ़ार पेस एंड जस्टिस के एक वफ़दने शख़्सी तौर पर दफ़्तर ए पी एस्टेट माइनारिटी कमीशन और माइनारिटी वेलफ़ेर डिपार्टमैंट में एक याददाश्त पेश की और कहा कि एक तरफ़ हुकूमत तेलंगाना के अज़ला में उर्दू को दूसरी सरकारी ज़बान का दर्जा देती है और दूसरी तरफ़ मसाबिकती इम्तेहानात में उर्दू में जवाब लिखने पर पाबंदी लगाती है ।

वफ़द ने उर्दू दां तबक़ा के साथ इस गैर मुंसिफ़ाना सुलूक पर सख़्त एहतिजाज किया और कहा कि उर्दू दां तबक़ा को मसाबिकती इम्तेहान में शिरकत से रोकने और उन्हें सरकारी मुलाज़मतों से दूर रखने के मंसूबों से हुकूमत के ज़िम्मेदारों को बाज़ आना चाहीए वर्ना एम पी जे उर्दू दां तबक़ा के साथ रवा गैर वाजिबी सुलूक पर सड़कों पर एहतिजाज करने पर मजबूर होजाएगी ।।

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