Friday , July 20 2018

वीडियो: जब अवार्ड फंक्शन में पहुंचीं ‘सलमा’ ने कहा “हक़ मांगने वाली औरतें फ़र्ज़ भी तो अदा करें”

इस्लाम दुनिया का एक ऐसा धर्म है जहाँ औरत और मर्द दोनों के लिए ऐसे रास्ते बताये गए हैं जिन पर चलकर वो न सिर्फ अपनी ज़िन्दगी संवार सकते हैं बल्कि अपने आस पास के लोगों को भी खुशहाल बना सकते हैं। Facebook पे हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करियेजरुरत है तो क़ुरान में लिखी गई आयतों को समझने का और उनपर अमल करने का।

यह बात सच है कि औरतों को अपने हक़ मिलने चाहिए और उनका अपने हक़ों के लिए लड़ना भी जायज़ हैं क्यूंकि हक़ मांगने से नहीं उनके लिए खड़े होकर ही मिलते हैं। लेकिन हक़ों को मांगने से पहले औरतें अपने फ़र्ज़ भी पूरे करें तो उनके हक़ सही मायनों में उनके हक़ गिने जा सकते हैं जबकि बिना फ़र्ज़ निभाए मांगे और मिली आज़ादी हक़ नहीं बल्कि खैरात के बराबर हैं। यह बात कही गई है एक स्कॉलर ‘सलमा भोजानी’ ने जो जफ्फरी एजुकेशन अवार्ड ऑफ़ एक्सीलेंस प्रोग्राम में शिरकत करने पहुंचीं थीं। सलमा ने अपने भाषण के दौरान जहाँ इस्लाम के बारे में लोगों को बता उनका दिल जीत लिया वहीँ औरतों के हक़ों के बारे में भी निष्पक्ष बात बोलकर एक सच्ची मुसलमान होने का फ़र्ज़ अदा किया। आइए देखें वीडियो और जानें क्या कहा सलमा भोजानी ने।

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