Monday , December 18 2017

वी एच पी यात्रा का मक़सद कशीदगी पैदा करना

कांग्रेस ने आज कहा है कि विश्व हिंदु परिषद की जानिब से 84 कोस यात्रा का असल मक़सद उत्तरप्रदेश में कशीदगी पैदा करना है और पार्टी ने समाजवादी पार्टी हुकूमत की जानिब से इस यात्रा पर इमतिना आइद किए जाने की ताईद-ओ-हिमायत की है।

कांग्रेस ने आज कहा है कि विश्व हिंदु परिषद की जानिब से 84 कोस यात्रा का असल मक़सद उत्तरप्रदेश में कशीदगी पैदा करना है और पार्टी ने समाजवादी पार्टी हुकूमत की जानिब से इस यात्रा पर इमतिना आइद किए जाने की ताईद-ओ-हिमायत की है।

उत्तरप्रदेश कांग्रेस के सरबराह-ओ-फ़ैज़ाबाद के रुक्न पार्लीमेंट निर्मल खत्री ने अपने एक बयान में कहा कि ये यात्रा विश्व हिंदु परिषद की जानिब से निकाली जा रही है और उसकी कोई मज़हबी रिवायत नहीं है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का मक़सद उत्तरप्रदेश में अयोधया ( बाबरी मस्जिद के मुक़ाम ) पर राम मंदिर की तामीर के लिए ज़ोर देना है जहां सुप्रीम कोर्ट ने ये हिदायत दी है कि वहां जूं के तूं हालात बरक़रार रखे जाएं।

खत्री ने कहा कि हम 1992 के नताइज से वाक़िफ़ हैं जब अवाम को जज़बाती तौर पर इस्तिहसाल का शिकार किया गया था और एक मुक़ाम पर उन्हें जमा किया गया था। इस तरह के किसी और हादसा को होने से रोकने के लिए हर तरह के हिफ़ाज़ती और एहतियाती इक़दामात किए जाने चाहिऐं।

चौरासी कोसी परीकरमा का विश्व हिंदु परिषद ने ऐलान किया है जिस में मुल्क भर से साधू संतों को भी मदऊ किया गया है। खत्री ने कहा कि इस तरह की परीकरमा पहले ही मार्च- अप्रैल में होचुकी है और अब वि एच पी जिस तरह की परीकरमा का ऐलान कर रही है उस की कोई मज़हबी रिवायत नहीं है।

उन्होंने कहा कि हालाँकि सुप्रीम कोर्ट ने हालात को जूं का तूं बरक़रार रखने की हिदायत दी है ताहम विश्व हिंदु परिषद इस यात्रा का ऐलान करते हुए ये ज़ाहिर कर दिया है कि उसे दस्तूर हिंद में और मुल्क की अदलिया में किसी तरह का यक़ीन और भरोसा नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि विश्व हिंदु परिषद ने उस वक़्त ये यात्रा क्यों मुनज़्ज़म नहीं की जबकि अटल बिहारी वाजपाई वज़ीर-ए-आज़म थे और मर्कज़ में बी जे पी ज़ेर क़ियादत हुकूमत थी।

उन्होंने कहा कि इस यात्रा के अब एहतिमाम का मक़सद बी जे पी को इंतिख़ाबात से क़बल ताक़त फ़राहम करना है। उन्होंने ताहम ये इल्ज़ाम भी आइद किया कि ये यात्रा दर असल बी जे पी । समाजवादी पार्टी की साज़िश का हिस्सा है ताकि दोनों बिरादरीयों में कशीदगी पैदा की जाये और दोनों पार्टीयों को इंतिख़ाबी फ़ायदा पहूंचने के लिए वोटों की शीराज़ा बंदी की जाये।

TOPPOPULARRECENT