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वुज़रा इस्तीफ़ा नहीं देंगे, हुकूमत का सख़्त गीर मौक़िफ़

रियास्ती हुकूमत ने वाज़ेह करदिया कि सुप्रीम कोर्ट की जानिब से नोटिस जारी किए जाने के मुआमले में कोई भी रियास्ती वज़ीर इस्तीफ़ा नहीं देगा और किसी को भी काबीना से बरतरफ़ करने का सवाल ही पैदा नहीं होता। रियास्ती हुकूमत ने आज ये सख़

रियास्ती हुकूमत ने वाज़ेह करदिया कि सुप्रीम कोर्ट की जानिब से नोटिस जारी किए जाने के मुआमले में कोई भी रियास्ती वज़ीर इस्तीफ़ा नहीं देगा और किसी को भी काबीना से बरतरफ़ करने का सवाल ही पैदा नहीं होता। रियास्ती हुकूमत ने आज ये सख़्त गीर मौक़िफ़ उस वक़्त इख़तियार किया जब तेलगू देशम पार्टी के अरकान सुप्रीम कोर्ट की नोटिस के हवाले से वुज़रा की बरतरफ़ी की मांग कररहे थे। तेलगू देशम अरकान ने जब ऐवान की कार्रवाई को चलने नहीं दिया तो हुकूमत ने भी जवाब में जारिहाना तेवर इख़तियार कर लि। रियास्ती वुज़रा धर्मना प्रसाद राव , सिरीधर बाबू और वटी वसंत कुमार ने अपोज़ीशन के ख़िलाफ़ जवाबी वार किया।

उन्हों ने कहा कि तेलगू देशम पार्टी सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई दरख़ास्त की असलीयत जाने बगै़र ही वुज़रा के ख़िलाफ़ बे बुनियाद इल्ज़ामात आइद कर रही है। उन्हों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने वुज़रा के ख़िलाफ़ नोटिस की इजराई की कोई हिदायत नहीं दी और ना ही किसी वज़ीर को क़सूर वार ठहराया गया। इन वुज़रा ने इल्ज़ाम आइद किया कि तेलगू देशम पार्टी तेलंगाना के ज़िमनी इंतिख़ाबात में फ़ायदा हासिल करने के लिए इस मसला को हवा दे रही है। तेलगू देशम कीजानिब से लगाए जा रहे इल्ज़ामात को बेबुनियाद क़रार देते हुए वुज़रा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की जानिब से किसी नोटिस के मिलने के बाद ही जवाब दिया जाएगा।

तेलगू देशम के डिप्टी लीडर जी मुद्दो कर शुण्मा नायडू ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 6 वुज़रा और 8 आई एऐस ओहदेदारों को नोटिस जारी की है। इस के इलावा 26 मुतनाज़ा सरकारी अहकामात की तहक़ीक़ात करने वाली सी बी आई को भी नोटिस जारी की गई। उन्हों ने हुकूमत की जानिबसे जारी करदा मुख़्तलिफ़ जी ओज़ और उन से जगन मोहन रेड्डी की कंपनीयों को हुए फ़ायदे की तफ़सीलात पेश करनी शुरू करदी जिस पर कांग्रेस ने सख़्त एतराज़ किया। वज़ीर इमारत-ओ-शवारा धर्मना प्रसाद राव जिन के ख़िलाफ़ नोटिस की इजराई की इत्तिला है, मुदाख़िलत करते हुए कहा कि तेलगू देशम अरकान गै़रज़रूरी तौर पर दो दिन से ऐवान में कार्रवाई रोक रहे हैं। उन्हों ने सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई दरख़ास्त और अदालत के अहकामात का जायज़ा तक नहीं लिया और बे बुनियाद इल्ज़ामात के ज़रीया तेलंगाना के ज़िमनी इंतिख़ाबात में फ़ायदा उठाने की कोशिश की जा रही है।

उन्हों ने बताया कि सुधाकर रेड्डी नामी एक वकील ने सी बी आई की ख़ुसूसी अदालत में दरख़ास्त दाख़िल की थी जिसे मुस्तर्द करदिया गया। ये दरख़ास्त हाइकोर्ट में पेश की गई और 29 डसमबर 2011-ए-को हाइकोर्ट ने ये कहते हुए दरख़ास्त को क़बूल नहीं किया कि सी बी आई एस मुआमले की जांच कररही है। ऐसे वक़्त में अदालत का कोई भी फ़ैसला मुतवाज़ी तहक़ीक़ात की तरह होगा। हाइकोर्ट ने वाज़ेह किया था कि अगर सी बी आई तहक़ीक़ात की तकमील के बाद भी दरख़ास्त गुज़ार को एतराज़ हो तो वो दुबारा अदालत से रुजू होसकते हैं।

धर्मना प्रसाद राउ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सुधाकर रेड्डी ने इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की तो अदालत ने नोटिस जारी करने की हिदायत दी और अभी तक इस दरख़ास्त को क़बूल नहीं किया गया। उन्हों ने कहा कि नोटिस की इजराई की हिदायत का मतलब ये नहीं कि वुज़रा के ख़िलाफ़ नोटिसें जारी की जाएं। उन्हों ने कहा कि ये मुआमला अदालत में ज़ेर दौरान है, और सी बी आई उस की तहक़ीक़ात कर रही है, लिहाज़ा हुकूमत ख़ामोशी इख़तियार किए हुए है।

उन्हों ने वज़ाहत की कि दरख़ास्त गुज़ार ने अपनी अपील में वुज़रा के ख़िलाफ़ कार्रवाई की बात नहीं कही है। उन्हों ने तेलगू देशम पर सख़्त तन्क़ीद की और कहा कि वो अपोज़ीशन का रोल अदा करने में नाकाम होचुकी है। तेलगू देशम पार्टी दर असल क़ियादत और रहनुमाई से महरूम हो चुकी है। उन्हों ने सवाल किया कि क्या सुप्रीम कोर्ट ने वुज़रा की बरतरफ़ी की हिदायत दी है? उन्हों ने कहा कि तेलगू देशम पार्टी को अदालत और सी बी आई पर कोई भरोसा नहीं है और वो सुप्रीम कोर्ट के रेमार्क को तोड़मरोड़ कर पेश कररही है।

धर्मना प्रसाद राउ की इस वज़ाहत के दौरान तेलगू देशम अरकान ने ज़बरदस्त शोर-ओ-गुल किया। वज़ीर उमोर मुक़न्निना डी सिरीधर बाबू ने इस मरहले पर मुदाख़िलत की और कहा कि सुप्रीम कोर्ट के रेमार्क को तेलगू देशम ग़लत अंदाज़ में पेश कररही है, जिस कामक़सद सयासी मक़सद बरारी है। उन्हों ने ज़राअत , बर्क़ी और ख़ुशकसाली जैसे संगीनमसाइल पर मुबाहिस बाक़ी हैं लिहाज़ा अपोज़ीशन को ऐवान की कार्रवाई चलाने में मदद करनी चाहीए।

सी पी ऐम फ़्लोर लीडर जय रंगा रेड्डी ने हुकूमत को मश्वरा दिया कि वो 26मुतनाज़ा जी औज़ से मुताल्लिक़ फाईलों को स्पीकर के पास पेश करें और इस पर मुबाहिस किए जाएं। उन्हों ने हुकूमत से सवाल किया कि फाईलें पेश करने में उसे क्या एतराज़ है।वज़ीर इमारात-ओ-शवारा धर्मना प्रसाद रावने कहा कि सी बी आई तहक़ीक़ात के दौरान हुकूमत कोई ब्यान नहीं दे सकती। तहक़ीक़ात की तकमील के बाद हुकूमत मुबाहिस के लिए तैय्यार है।

अशोक गजपति राजू ने हुकूमत पर ज़िम्मेदारी से फ़रार का इल्ज़ाम आइद किया और कहा कि दागदार वुज़रा को रख कर हुकूमत चलाई जा रही है। इन के इस रेमार्क पर वज़ीर उमूर मुक़न्निना ने सख़्त एतराज़ किया और उसे रिकार्ड से हज़फ़ करने की मांग की। उन्हों ने कहा कि जब तक अदालत किसी को क़ोसूर वार क़रार नहीं देती, उस वक़्त तक उन्हें दागदार नहीं कहा जा सकता। उन्हों ने अशोक गजपति राजू से माज़रत ख़्वाही का मुतालिबा किया।

अशोक गजपति राजू ने वज़ाहत की कि इन के कहने का मक़सद ये था कि अवामी रक़ूमात को लौटने वाले वुज़रा के ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहीए। उन्हों ने 26 जी औज़ से मुताल्लिक़ फाईलों को स्पीकर के पास पेश करने , वुज़रा के अस्तीफ़े या फिर उन की बरतरफ़ी की मांग की। रियास्ती वज़ीर वटी वसंत कुमार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में वुज़रा के ख़िलाफ़ कोई इल्ज़ामात नहीं हैं। तेलगू देशम पार्टी को वुज़रा के अस्तीफ़े की मांग करने का कोई अख़लाक़ी हक़ नहीं।

उन्हों ने कहा कि इन टी रामा रावऔर चंद्रा बाबू नायडू के ख़िलाफ़ भी अदालतों में कई मुआमलात थे, लेकिन इन क़ाइदीन ने ओहदों से इस्तीफ़ा नहीं दिया, फिर किस तरह कांग्रेस के वुज़रा से ये मुतालिबा किया जा रहा है। वसंत कुमार के रिमार्कस पर तेलगू देशम अरकान भड़क उठे और डिप्टी स्पीकर ने ऐवान की कार्रवाई को मुल्तवी करदिया।

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