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वुज़रा की चीफ़ मिनिस्टर से मुलाक़ात ग़ैरमामूली वाक़िया नहीं

हैदराबाद २२ अगस्त (सियासत न्यूज़) प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने वुज़रा के इजलास और चीफ़ मिनिस्टर से मुलाक़ात को सरकारी उमूर का मामूली हिस्सा क़रार देते हुए कहा कि अगर सिर्फ इल्ज़ामात की बुनियाद पर मुस्ताफ़ी होना लाज़िमी होता तो चंद्

हैदराबाद २२ अगस्त (सियासत न्यूज़) प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने वुज़रा के इजलास और चीफ़ मिनिस्टर से मुलाक़ात को सरकारी उमूर का मामूली हिस्सा क़रार देते हुए कहा कि अगर सिर्फ इल्ज़ामात की बुनियाद पर मुस्ताफ़ी होना लाज़िमी होता तो चंद्रा बाबू नायडू को 9 साल में 900 मर्तबा अस्तीफ़ा देना पड़ता। उन्हों ने कहा कि तेलगु देशम और वाई ऐसआर कांग्रेस बी सी तबक़ात के लिए मगरमच्छ के आँसू बहाने पर एक दूसरे पर सबक़त हासिल करना चाहती हैं।

आज गांधी भवन में प्रैस कान्फ़्रैंस से ख़िताब करते हुए कांग्रेस के तर्जुमान डाक्टर एन तुलसी रेड्डी ने रियास्ती वुज़रा के इजलास और धर्मना प्रसाद राव‌ काअस्तीफ़ा क़बूल ना करने और चीफ़ मिनिस्टर से मुलाक़ात के बाद उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि रियास्ती वुज़रा का अलहदा इजलास सी बी आई और हुकूमत से बग़ावत नहीं है और ना ही चीफ़ मिनिस्टर से मुलाक़ात करके वुज़रा कोई ग़लती की है। ये मुलाक़ात सरकारी मुआमलात का एक हिस्सा है।

धर्मना प्रसाद राव‌ का अस्तीफ़ा क़बूल ना करने के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अगर सिर्फ इल्ज़ामात पर अस्तीफ़ा देना होता तो चंद्रा बाबू नायडू को अपने 9 साला दौर-ए-हकूमत में 900 बार अस्तीफ़ा देना चाहिए था। क्योंकि उन पर कई इल्ज़ामात आइद किए गए थे और तीन मुक़द्दमात में सदर तलगो देशम ने अदालत से रुजू होकर हुक्म अलतवा हासिल किया है।

उन्हों ने कहा कि जहां तक जी औज़ की इजराई का मुआमला ही, सारी काबीना उस की मुशतर्का तौर पर ज़िम्मेदार ही,ताहम जी औज़ के पीछे जो बदउनवानीयाँ हुई हैं इस का वज़ारत से कोई ताल्लुक़ नहीं ही। धर्मना प्रसाद राव‌ मसला का वुज़रा ने इजलास तलब करते हुए जायज़ा लिया ही, जिसे मनफ़ी पहलू से देखने की ज़रूरत नहीं है।

तर्जुमान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि तलगो देशम और वाई ऐस आर कांग्रेस ख़ुद को बी सी तबक़ात का हमदरद ज़ाहिर कर रही हैं, जब कि दोनों जमातों को बी सी तबक़ात से हमदर्दी नहीं है। कांग्रेस पार्टी ही बी सी तबक़ातकी तरक़्क़ी-ओ-बहबूद के लिए संजीदा ही। 1968ए- में ही कांग्रेस हुकूमत ने बी सी कमीशन तशकील दी थी और 1970-ए-में तालीम-ओ-मुलाज़मतों में 25 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात फ़राहम किया गया।

इलावा अज़ीं पैट्रोल बैंक्स और गैस एजैंसीयों के अलाटमैंट में भी बी सी तबक़ातके लिए 27 फ़ीसद कोटा मुख़तस किया गया।

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