Saturday , December 16 2017

वुज़रा कौंसल में शमूलीयत के लिए क़ियास आराईयां

अब जब कि समाजवादी पार्टी के लीडर अखिलेश यादव के रियासत के 33 वें वज़ीर-ए-आला के तौर पर हलफ़ लेने में सिर्फ दो दिन बाक़ी रह गए हैं पार्टी के वुज़रा की कौंसल में शामिल किए जाने वाले अफ़राद के नामों से मुताल्लिक़ क़ियास आराईयों का बाज़ार गर्

अब जब कि समाजवादी पार्टी के लीडर अखिलेश यादव के रियासत के 33 वें वज़ीर-ए-आला के तौर पर हलफ़ लेने में सिर्फ दो दिन बाक़ी रह गए हैं पार्टी के वुज़रा की कौंसल में शामिल किए जाने वाले अफ़राद के नामों से मुताल्लिक़ क़ियास आराईयों का बाज़ार गर्म है।वैसे उम्मीद है कि मुलायम सिंह यादव हुकूमत के दौरान जो अफ़राद वुज़रा बनाए गए थे वही इस काबीना में भी शामिल किए जाऐंगे।

नए और सब से कम उम्र वज़ीर-ए-आला मज़ीद कुछ नए चेहरे भी काबीना में शामिल करेंगे।अभी इस मुआमले पर भी ज़बरदस्त बहस हो रही है कि आख़िर इस असेंबली का स्पीकर कौन होगा। बहरहाल उस वक़्त मुकम्मल अक्सरीयत से हुकूमत तश्कील देने वाली समाजवादी पार्टी के सामने सब से बड़ा चैलेंज वुज़राए के इंतेख़ाब में ज़ात और इलाक़े को पेशे नज़र रखते हुए ख़ूबसूरत तवाज़ुन क़ायम करना होगा।

इस पार्टी को इस बार रियासत के मग़रिबी हिस्सा से भी बहुत हिमायत मिली है लिहाज़ा उसे इसका भी ख़्याल रखना होगा।

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