‘वोट बैंक के कारण मुस्लिमों के लिए आरक्षण मांग रहीं मायावती’

‘वोट बैंक के कारण मुस्लिमों के लिए आरक्षण मांग रहीं मायावती’

उत्तर प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन व भाजपा नेता बृजलाल ने आरोप लगाया है कि बसपा प्रमुख मायावती वोट बैंक की राजनीति के तहत मुसलमानों के लिए आरक्षण मांग रही हैं।

गुरुवार को जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के आरक्षण में दलित मुसलमानों को आरक्षण पहले से मिल रहा है। इसी तरह पिछड़ी जाति के 27 प्रतिशत आरक्षण में उस श्रेणी के मुसलमानों को भी आरक्षण प्राप्त है। भाजपा सरकार द्वारा गरीब सवर्णों को आरक्षण धर्म के आधार पर नहीं है और इस श्रेणी में आने वाले मुसलमानों को भी यह अनुमन्य है। इस तरह मायावती की यह मांग केवल वोट बैंक की राजनीति के तहत की गयी है।

इस मुद्दे पर साध ली चुप्पी
बयान में कहा गया है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में आज तक अनुसूचित जाति और जनजाति व पिछड़ी जातियों को निर्धारित आरक्षण नहीं दिया जा रहा है। अनुसूचित जाति व जनजाति आयोग उ.प्र. द्वारा 18 जुलाई 2018 को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को इस बाबत कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था कि उनके द्वारा संविधान प्रदत्त आरक्षण क्यों नहीं दिया जा रहा है, जो अब राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि आश्चर्य की बात यह रही कि इस आरक्षण के मुद्दे पर बसपा, सपा तथा कांग्रेस पार्टी ने मुंह नहीं खोला। दलितों की तथाकथित मसीहा कहलाने वाली मायावती को इस मुद्दे पर बोलना चाहिए था मगर उनकी चुप्पी साबित करती है कि वोट बैंक की राजनीति के लिए वह वह दलित हितों को भी ताक पर रख सकती हैं।

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