वज़ीर-ए-आज़म उलझन में

वज़ीर-ए-आज़म उलझन में
सरबराह फ़ौज जनरल वी के सिंह से जबरी रुख़स्त पर जाने की ख़ाहिश हुकूमत के ज़ेर-ए-ग़ौर मुतबादिल तरीक़ों में से एक है। वज़ीर-ए-आज़म इनको रवाना किए हुए मकतूब के अफ्शा पर उलझन में मुब्तिला है, जिससे मुल़्क की दिफ़ाई तैयारी के बारे में शकूक पैदा

सरबराह फ़ौज जनरल वी के सिंह से जबरी रुख़स्त पर जाने की ख़ाहिश हुकूमत के ज़ेर-ए-ग़ौर मुतबादिल तरीक़ों में से एक है। वज़ीर-ए-आज़म इनको रवाना किए हुए मकतूब के अफ्शा पर उलझन में मुब्तिला है, जिससे मुल़्क की दिफ़ाई तैयारी के बारे में शकूक पैदा हो गए हैं।

मर्कज़ी वज़ीर ने अपनी शनाख़्त पोशीदा रखने की शर्त पर कहा कि फ़िलहाल सिर्फ दो मुतबादिल हुकूमत के ज़ेर-ए-ग़ौर हैं। सरबराह फ़ौज को इनकी ख़िदमात से सुबकदोशी तक जो आइन्दा दो महीनों में मुक़र्रर है, या तो बर्दाश्त किया जाए या फिर उन्हें रुख़स्त पर जाने के लिए मजबूर किया जाए।

वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह उलझन में मुब्तिला हैं, लेकिन हुकूमत कोई सख़्त कार्रवाई नहीं करना चाहती।

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