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वज़ीर-ए-आज़म-ओ-सोनीया गांधी के तर्ज़ अमल में यकसानियत नहीं

नई दिल्ली १३ दिसम्बर: (पी टी आई) अपोज़ीशन बी जे पी ने दावा किया है कि वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह और सदर नशीन यू पी ए सोनीया गांधी यकसाँ नौईयत का तर्ज़ अमल इख़तियार नहीं कर रहे हैं जबकि हुकूमत को वसीअ उल-नज़र होना चाहीए और वो सयासी इत्तिफ़ाक़ रा

नई दिल्ली १३ दिसम्बर: (पी टी आई) अपोज़ीशन बी जे पी ने दावा किया है कि वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह और सदर नशीन यू पी ए सोनीया गांधी यकसाँ नौईयत का तर्ज़ अमल इख़तियार नहीं कर रहे हैं जबकि हुकूमत को वसीअ उल-नज़र होना चाहीए और वो सयासी इत्तिफ़ाक़ राय के मुआमला में बिग बिरादर का रवैय्या इख़तियार ना करे क्योंकि मआशी इस्लाहात के मुआमला में ये कलीदी एहमीयत का हामिल है ।

क़ाइद अपोज़ीशन अरूण जेटली ने वज़ीर फ़ीनानस परनब मुकर्जी की जानिब से पेश करदा तसर्रुफ़ बल पर राज्य सभा में बेहस शुरू करते हुए कहा कि अगर आप सयासी इत्तिफ़ाक़ राय के ख़ाहां हैं तो वसीअ उल-नज़र बनें ।

हुकूमत बिग बिरादर की तरह सुलूक रवा रखते हुए तवील अर्सा तक बरक़रार नहीं रह सकती । अरूण जेटली ने यू पी ए के सयासी ढाँचे का सवाल उठाया और कहा कि वज़ीर-ए-आज़म एक सी ई ओ नहीं हो सकते जो सिर्फ बोर्ड के फ़ैसलों पर अमल आवरी करे‍।

उन्हें मुकम्मल इख़्तयारात होने चाहीए और वो पर एतिमाद भी हूँ। उन्हों ने कहा कि पहली मयाद में सोनीया गांधी और मनमोहन सिंह एक ही मुक़ाम के हामिल थे लेकिन ऐसा लगता है कि दूसरी मयाद में दोनों का मुक़ाम तबदील होचुका है।

यहां तक कि दोनों के नज़रियात भी बदल गए हैं। उन्हों ने कहा कि रीटेल शोबा में एफडी आई जैसे मसला पर सदर नशीन यू पी ए ने एक ब्यान जारी करना मुनासिब नहीं समझा। इस के इलावा ख़ुद यू पी ए हलीफ़ जमातों में इस मसला पर इत्तिफ़ाक़ राय नहीं था।

जेटली ने कहा कि अप्पोज़ीशन के कहने से पहले ख़ुद अंदरून यू पी ए इत्तिफ़ाक़ राय पैदा की जाये। परनब मुकर्जी ने कहा था कि सयासी इत्तिफ़ाक़ राय का फ़ुक़दान और पार्लीमैंट में बार बार रुकावट अहम मआशी मसाइल पर पेशरफ़त ना होने की वजह हैं।

अरूण जेटली ने कहा कि अपोज़ीशन जमातों की मर्कज़ को ताईद इस सूरत में नहीं मिल सकती जब ग़ैर कांग्रेस रियास्तों के साथ कोयला मुख़तस करने के मुआमला में इमतियाज़ बरता जाये । इसके इलावा रियास्ती सतह की कई क़ानून साज़ीयाँ गवर्नर की मंज़ूरी ना होने की वजह से ज़ेर इलतिवा हैं।

उन्होंने बताया कि सयासी इत्तिफ़ाक़ राय केलिए वज़ीर-ए-आज़म की जानिब से रोड मयाप तैय्यार किया जा सकता लेकिन उन्हें पूरे इख़्तयारात के साथ काम करना होगा।

ताहम उन्हों ने परनब मुकर्जी की सताइश की जिन्हों ने कई मुतनाज़ा मसाइल पर हुकूमत केलिए राहत फ़राहम की थी ।जेटली ने कहा कि दीगर कांग्रेस क़ाइदीन के बरअक्स परनब मुकर्जी अप्पोज़ीशन जमातों के साथ मुशावरत किया करते हैं।

उन्हों ने परनब मुकर्जी से ख़िताब करते हुए कहा कि मौजूदा यू पी ए हुकूमत में आप दीगर से मुस्तसना है। क़ाइद अप्पोज़ीशन ने कहा कि हुकूमत चलाने तमाम तर सलाहीयतों के साथ इख़्तयारात को भी बरुए कार लाने की ज़रूरत होती है और मौजूदा हुकूमत में इस का फ़ुक़दान पाया जाता है ।

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