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वज़ीर-ए-आज़म की तब्दीली ख़ारिज अज़ बहस

यू पी ए की सदर नशीन सोनीया गांधी ने वज़ीर-ए-आज़म की तब्दीली से मुताल्लिक़ क़ियास आराईयों को आज मुस्तर्द कर दिया। अख़बारी नुमाइंदों के इस सवाल पर 2014 के इंतेख़ाबात में वज़ारत-ए-उज़मा के लिए कांग्रेस के उम्मीदवार कोई होंगे?

यू पी ए की सदर नशीन सोनीया गांधी ने वज़ीर-ए-आज़म की तब्दीली से मुताल्लिक़ क़ियास आराईयों को आज मुस्तर्द कर दिया। अख़बारी नुमाइंदों के इस सवाल पर 2014 के इंतेख़ाबात में वज़ारत-ए-उज़मा के लिए कांग्रेस के उम्मीदवार कोई होंगे? सोनीया गांधी ने बरजस्ता जवाब दिया कि ये 2012 है।

इस सवाल पर कि वज़ीर-ए-आज़म की सुबकदोशी और कांग्रेस की जानिब से इस ओहदा के लिए दूसरे लीडर के इंतेख़ाब के बारे में एक सवाल पर झुंजला कर जवाब दिया कि इस (तबदीली) का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। सोनीया गांधी ने उत्तर प्रदेश असेंबली इंतेख़ाबात समाजवादी पार्टी को वाज़िह अक्सरीयत के हुसूल के बाद कांग्रेस की ताईद दरकार ना होने के बावजूद मर्कज़ में यू पी ए हुकूमत को इसकी हलीफ़ जमातों से किसी ख़तरा के अंदेशों को मुस्तर्द कर दिया।

मिसिज़ सोनीया गांधी ने कहा कि मैं नहीं समझती कि ये इंतेख़ाबी नताइज यू पी ए हुकूमत को कोई नुक़्सान पहूँचाएंगे। वाज़िह रहे कि ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस भी अगरचे यू पी ए हुकूमत की एक अहम हलीफ़ जमात है, लेकिन मुख़्तलिफ़ मसाइल पर कांग्रेस के साथ इसके शदीद इख्तेलाफ़ात पैदा होगए हैं और तवक़्क़ो की जा रही थी कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की जमात एस पी की ताईद करते हुए मर्कज़ में अपने लिए एक नई हलीफ़ जमात तलाश कर लेंगे।

मिसिज़ सोनीया गांधी ने कहा कि यू पी ए हलीफ़ों के माबैन ताल्लुक़ात बेहतर हैं ओर मुस्तक़बिल में भी मामूल के मुताबिक़ रहेंगे।

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