वज़ीर-ए-आज़म ने मुझ से इस्तीफ़ा तलब नहीं किया था

वज़ीर-ए-आज़म ने मुझ से इस्तीफ़ा तलब नहीं किया था
साबिक़ वज़ीर रेलवे दिनेश त्रिवेदी ने जिन्हें रेलवे किरायों में इज़ाफ़ा के सबब अपने ओहदा से मजबूरन मुस्ताफ़ी होना पड़ा था, आज दावा किया कि वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह उन्हें तृणमूल कांग्रेस की ताईद से महरूमी के अंदेशों के बावजूद भी बरक़रा

साबिक़ वज़ीर रेलवे दिनेश त्रिवेदी ने जिन्हें रेलवे किरायों में इज़ाफ़ा के सबब अपने ओहदा से मजबूरन मुस्ताफ़ी होना पड़ा था, आज दावा किया कि वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह उन्हें तृणमूल कांग्रेस की ताईद से महरूमी के अंदेशों के बावजूद भी बरक़रार रख सकते थे, लेकिन ख़ुद उन्होंने (त्रिवेदी) हुकूमत को किसी बोहरान के लिए इस्तीफ़ा दे दिया।

मिस्टर त्रिवेदी ने जो तृणमूल कांग्रेस के रुकन पार्लीमेंट हैं, उन्हें ख़ुद उनकी ही पार्टी की सरबराह ममता बनर्जी की ईमा पर वज़ारत रेलवे से हटा दिया गया था, जब उन्होंने रेलवे बजट में मुसाफ़िरैन के किरायों में इज़ाफ़ा की तजवीज़ पेश की थी। ताहम मिस्टर त्रिवेदी ने कांग्रेस में शमूलीयत की क़ियास आराईयों के बारे में हनूज़ अपनी ख़ामोशी को बरक़रार रखा है।

एन थापर के डेविस एडवोकेट पर इल्ज़ाम में दिनेश त्रिवेदी ने दावा किया कि वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह ने उन्हें मुस्ताफ़ी होने के लिए कभी भी नहीं कहा था और वो ऐसा कहने का इरादा भी नहीं रखते थे। मिस्टर त्रिवेदी ने इस वक़्त ज़ोरदार आवाज़ में जी हाँ कहा जब उन से पूछा गया था कि आया वज़ीर-ए-आज़म ने तृणमूल कांग्रेस की ताईद से महरूमी और हुकूमत के ज़वाल के अंदेशों की परवाह किए बगै़र उन्हें (त्रिवेदी) को काबीना में बरक़रार रखने पर तर्जीह दे रहे थे।

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