वज़ीर-ए-आज़म पर नरेंद्र मोदी की तन्क़ीद

वज़ीर-ए-आज़म पर नरेंद्र मोदी की तन्क़ीद
गोधरा, २१ जनवरी (पी टी आई) वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह पर मुल्क में नाक़िस तग़ज़िया के मसला का ताख़ीर से एहसास करने का इल्ज़ाम आइद करते हुए चीफ़ मिनिस्टर गुजरात नरेंद्र मोदी ने कहा कि सिर्फ इस मसला पर तबसिरा करने के बजाय वज़ीर-ए-आज़म को चाहीए कि

गोधरा, २१ जनवरी (पी टी आई) वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह पर मुल्क में नाक़िस तग़ज़िया के मसला का ताख़ीर से एहसास करने का इल्ज़ाम आइद करते हुए चीफ़ मिनिस्टर गुजरात नरेंद्र मोदी ने कहा कि सिर्फ इस मसला पर तबसिरा करने के बजाय वज़ीर-ए-आज़म को चाहीए कि इस का कोई हल पेश करें।

मोदी ने कहा कि अगर माहिरीन तालीम या कोई प्रोफेसर वज़ीर-ए-आज़म की तरह ब्यान देता तो ये बात समझ में आ सकती है, लेकिन मुल्क के वज़ीर-ए-आज़म का संगीन सूरत-ए-हाल के बारे में सिर्फ तबसिरा काफ़ी नहीं है। वज़ीर-ए-आज़म को इस का हल निकालना चाहीए।

गुज़शता हफ़्ता वज़ीर-ए-आज़म ने मुल्क में नाक़िस तग़ज़िया पर रंज-ओ-ग़म का इज़हार करते हुए कहा था कि ये सूरत-ए-हाल मुल्क के लिए शर्मनाक है। मोदी ने कहा कि वज़ीर-ए-आज़म को ख़ुद नाक़िस तग़ज़िया के मसला के संगीन होने का एहसास है। ये सूरत-ए-हाल 2004 से मौजूद है, लेकिन वज़ीर-ए-आज़म ने इस सिलसिला में कुछ नहीं किया।

मोदी ने अवाम पर ज़ोर दिया कि वो ख़ुद फ़ैसला करें कि वोट बैंक सियासत करने वालों को वोट दिया जाये या हमा जहती तरक़्क़ी की फ़िक्र करने वालों कुमलक में बरसर-ए‍इक़तेदार लाया जाये।

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