Tuesday , December 12 2017

वज़ीर-ए-आज़म मन नहीं मौन (ख़ामोश) मोहन सिंह

चीफ मिनिस्टर गुजरात नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह पर सख़्त तन्क़ीद करते हुए कीमतों में इज़ाफे़ और गरीब अवाम की बुरी हालत पर फ़िक्रमंदी ज़ाहिर ना करने की बिना पर वज़ीर-ए-आज़म को मून (ख़ामोश) मोहन सिंह क़रार दिया और कहा कि

चीफ मिनिस्टर गुजरात नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह पर सख़्त तन्क़ीद करते हुए कीमतों में इज़ाफे़ और गरीब अवाम की बुरी हालत पर फ़िक्रमंदी ज़ाहिर ना करने की बिना पर वज़ीर-ए-आज़म को मून (ख़ामोश) मोहन सिंह क़रार दिया और कहा कि मन मोहन सिंह ने कल हिमाचल प्रदेश का दौरा किया था और आज के अख़बारात में हिमाचल प्रदेश में इन की ख़ामोशी अख़बारात की सब से बड़ी ख़बर है।

उन्हों ने कहा कि ये तसव्वुर करना भी नामुमकिन है कि वो मुल़्क की सूरत-ए-हाल के बारे में क्या सोचते हैं। वो एक इंतिख़ाबी जलसा से ख़िताब कर रहे थे । नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस की सदर सोनिया गांधी पर भी तन्क़ीद करते हुए कहा कि कीमतों में इज़ाफे़ और ग़ुर्बत के मसाइल से वो नहीं निमट रही हैं। चंद दिन पहले उन्हों ने भी मंडी का दौरा किया था और अब वज़ीर-ए-आज़म ने दौरा किया है लेकिन सोनिया जी ने भी अवाम की परेशानी पर कोई फ़िक्रमंदी ज़ाहिर नहीं की।

उन्हों ने कहा कि इन की बे अमली मुल्क का सब से बड़ा मसला है। वज़ीर-ए-आज़म की ज़िम्मेदारी है कि वो इफ़रात-ए-ज़र में कमी करें लेकिन उन्हें उस की कोई फ़िक्र ही नहीं है । अहमदाबाद से मौसूला इत्तिला के बमूजब नरेंद्र मोदी ने इल्ज़ाम आइद किया कि मर्कज़ी हुकूमत बड़े गोश्त की बरामदात को फ़रोग़ दे रही है और बरआमद कननदों को रियायतें फ़राहम कर रही हैं जबकि कपास की बरामद पर टैक्स आइद किया जाता है।

वो चौथे सालाना जल्सा-ए-आम से ख़िताब कर रहे थे जो जैन इंटरनेशनल ट्रेड औरगनाइज़ेशन की तरफ‌ से मनाया जा रहा था । उन्हों ने कहा कहियो पी ए हुकूमत मस्लख़ों को खुले आम रियायतें देती हैं जबकि कपास के काश्तकारों पर कपास की बरामद की सूरत में टैक्स आइद किया जाता है ।

उन्हों ने इल्ज़ाम आइद किया कि गोश्त के बरामद खरिदारो को सहूलतें फ़राहम की जा रही हैं और पिछ्ले पाँच साल से उन के टैक्स माफ़ कर दिया गया है। लेकिन महिकमा इनकम टैक्स इसी कंपनीयों को नट्सें जारी कर रहा है जो रियासत गुजरात में सरमाया कारी कर रही हैं। इस से साफ़ ज़ाहिर है की हुकुमत‌ सबज़ यह सफेद इन्क़िलाब नहीं चाहती।

TOPPOPULARRECENT