वज़ीर-ए-आज़म से अख़लाक़ी ज़िम्मेदारी क़बूल करने बी जे पी का मुतालिबा

वज़ीर-ए-आज़म से अख़लाक़ी ज़िम्मेदारी क़बूल करने बी जे पी का मुतालिबा

भारतीय जनता पार्टी ने आज एक बार फिर कहाकि कोयला बलॉक अलाटमैंट घपले में वज़ीर-ए-आज़म डाक्टर मनमोहन सिंह को अपनी अख़लाक़ी ज़िम्मेदार क़बूल करते हुए अपने ओहदे से फ़ौरन इस्तीफ़ा दे देना चाहीए।बी जे पी के क़ौमी तर्जुमान और राज्य सभा के रुकन राजीव प्रताप रूडी ने आज यहां कहाकि साल 2005 से 2009 के दरमीयान वज़ीर-ए-आज़म ही कोयला की वज़ारत की ज़िम्मेदारी सँभाल रहे थे और उन्होंने अपने फ़ैसले से ये तै किया था कि शफ़्फ़ाफ़ तरीक़े से कोयला कानों का अलाटमैंट हो।

इस के लिए क़ानून बनाने की तजवीज़ भी डाक्टर सिंह ने ही पेश की थी।बी जे पी तर्जुमान ने कहाकि जहां एक तरफ़ कोयला कानों की नीलामी की तलवार सनअत कारों पर लटकती रही वही मनमाने तरीक़े से इस प्राईवेट कंपनीयों को कोयला कान अलॉट करदिए गए जिन का बड़ी सनअतों मसलन सीमेंट और बिजली से दूर दूर तक कोई ताल्लुक़ नहीं था और ये अलाटमैंट भी इन से एक रुपया भी लिए बगै़र ही करदिया गया।

मिस्टर रूडी ने कहाकि इस मुआमले पर वज़ीर-ए-आज़म ने दलील देते हुए कहा कि मुल़्क की तरक़्क़ी में बिजली की ज़रूरत सनअती तौसीअ के लिए ज़रूरी थी इस लिए ये अलाटमैंट मुफ़्त में किया गया।मिस्टर रूडी ने कहाकि आज 8 साल के बाद 142 अलॉट शूदा कानों में से सिर्फ एक ही कान में कानकनी शुरू होसकी है। अन्होने कहा कि स्कूल बलॉक अलाटमैंट के घपले में कांग्रेस के कई वज़ीर, मैंबरान पार्लीमैंट और हुकूमत से वाबस्ता कई सीनीयर रहनुमाओं के नाम भी सामने आरहा है।

उन्हों ने 142 कोयला कानों को फ़ौरन रद्द करने का मुतालिबा किया।अन्होने सवालिया अंदाज़ में कहाकि वज़ीर-ए-आज़म के मातहत रह कर काम करनेवाली सी बी आई डाक्टर सिंह के इस ओहदे पर रहते हुए किस तरह ग़ैर जांबदार इंकुआयरी करसकेगी इस लिए अपनी अख़लाक़ी बुनियादों पर इस्तीफ़ा दे देना चाहीए।

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