वज़ीर के पैरों में गिरकर बोला, साहब नौकरी दे दो नहीं तो असलाह उठा लूंगा

वज़ीर के पैरों में गिरकर बोला, साहब नौकरी दे दो नहीं तो असलाह उठा लूंगा
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रांची : ये श्रवण कुमार पूजर है जो लेबर वज़ीर राज पलिवार के पैरों पर पड़कर गिड़गिड़ा रहा है, रो रहा है नौकरी के लिए। आंखों में आंसू लिए श्रवण ने वज़ीर से कहा कि साहब नौकरी दे दो नहीं तो 15 दिन में असलाह उठा लूंगा। कहीं न कहीं का एरिया कमांडर बन जाऊंगा। श्रवण आदिम जनजाति माल पहाड़िया से आता है। इस जनजाति के लोगों को सरकार सीधे नौकरी देती रही है अगर वह पढ़ा-लिखा है तो। श्रवण ने 2010-12 में जमशेदपुर के गम्हरिया वाकेय आईटीआई से कम्प्यूटर बेसिक्स और सीएमपी की पढ़ाई की। पढ़ाई के बाद प्लेसमेंट के नाम पर चार साल तक 5 हजार रुपए महाना की पगार पर टाटा स्टील ग्रोथ सॉफ्ट में काम भी करवाया। लेकिन अब तक परमानेंट नौकरी नहीं दी।
दर्जनों बार वज़ीरों और अफसरों से लगा चुका है गुहार, श्रवण दर्जनों बार रांची आकर सीएम, वज़ीरो , अफसरों से गुहार लगा चुका है, लेकिन उसकी कोई सुन नहीं रहा है। सीएम के सेक्रेटरी सुनील वर्णवाल को नौ बार एप्लीकेशन भी दे चुका है। दो बार मिला भी। बुध को भी मिलने को कहा था लेकिन नहीं मिले। उसने बताया कि वालिदैन नहीं हैं। दुमका में घर है जहां छोटा भाई रहता है। लेकिन पैसे नहीं होने की वजह से रोटी का भी इंतजाम नहीं हो रहा है।

 

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