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वज़ीर को बचाने की मुहिम में जुटी पुलिस, निगरानी के लिए भेजे गये जवान

असलाह चोरी मामले में हजारीबाग पुलिस की पूरी कवायद वज़ीर को बचाने के इर्द-गिर्द घूमने लगी है। जांच को खुफिया रखने के नाम पर जिला पुलिस ने नवनीत का इकबालिया बयान बदलवा दिया है। अब किसी भी तरह यह साबित करने की कोशिश हो रही है कि पिस्टल

असलाह चोरी मामले में हजारीबाग पुलिस की पूरी कवायद वज़ीर को बचाने के इर्द-गिर्द घूमने लगी है। जांच को खुफिया रखने के नाम पर जिला पुलिस ने नवनीत का इकबालिया बयान बदलवा दिया है। अब किसी भी तरह यह साबित करने की कोशिश हो रही है कि पिस्टल किसी को दी नहीं गई थी, बल्कि चोरी हो गई थी। इस बात को पुख्ता करने के लिए डीएसपी अरविंद कुमार सिंह को जवानों के साथ बेहद खुफिया तरीके से नवनीत के बेतिया वाक़ेय अबाई गांव भेजा गया था। यह टीम जुमेरात को हजारीबाग लौट आई। इस टीम ने नवनीत के घर छापा मारने और कुछ भी हासिल न हो पाने का दावा भी किया है।

इधर, पुलिस रिमांड के दूसरे दिन भी नवनीत से दिनभर एसपी ने अकेले में पूछताछ की। हालांकि कुछ भी बताने से इंकार किया है, लेकिन खबर है कि इन दो दिनों में नवनीत से बयान लेकर उस पर दस्तखत करवा लिया गया है। बयान में नवनीत ने असलाह चोरी होने की बात कही है। बता दें कि अदालत में यह कहते हुए इकबालिया बयान नहीं जमा कराया गया कि इससे जांच मुतासीर होगी।

निगरानी में जैप वन भेजे जाएंगे जवान

एसपी मनोज कौशिक ने बताया कि असलाह मामले में शामिल नवनीत को छोड़ बाकी आठ जवानों को जुमेरात को देर शाम आज़ाद कर दिया गया। हासिल जानकारी के मुताबिक इन आठों जवानों को रात में भी निगरानी में ही रखा गया और जुमा को पुलिस टीम की देखरेख में जैप वन भेजा गया है।

बरी नहीं होते, तो खुदकशी कर लेते

जुमेरात देर शाम छोड़े जाने की ऐलान के बाद जैप वन के जवानों ने मुश्तरका तौर से कहा कि अगर हम इस मामले में बरी नहीं होते, तो खुदकशी कर लेते। नवनीत ने हमें समाज से सिर उठाकर चलने लायक नहीं छोड़ा। मूआतिल की परेशानी पता नहीं कब खत्म होगी।

मुजरिम को होगी सजा

जांच चल रही है। कानून अपना काम करेगा। गैर जनबरदारी पर आंच नहीं आने दी जाएगी। मुजरिम चाहें वज़ीर हो या जवान, किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री

ओहदे से हटाया जाए

वज़ीर को एखलकियत की बुनियाद पर अस्तगाफ़ी देना चाहिए। पुलिस संजीदगी से और जल्द जांच करे। ऐसे लोगों को ओहदे से हटाया ही जाना चाहिए।
अर्जुन मुंडा, पूर्व सीएम

जो होना है जल्द हो

मैं भी चाहता हूं कि असलियत जल्द से जल्द सामने आए। मेरी तरफ से पुलिस को हर मुमकिन मदद किया जा रहा है।
जयप्रकाश भाई पटेल, मंत्री झारखंड

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