शकाफत इंसान को मजहब बनाती है

शकाफत इंसान को मजहब बनाती है
शकाफत इंसान को मजहब बनाती है और तहज़ीब इंसान को वकार बख़्शता है वकार इंसान को तहज़ीब कर दर्स भी देता है। ये बात साबिक़ चीफ़ सेक्रेटरी वीएस दुबे ने कही। वो इतवार को बिहार संस्कृत संजीवनी समाज और एमपी लाइब्रेरी के जेरे एहतेमाम मुनक्कीद,

शकाफत इंसान को मजहब बनाती है और तहज़ीब इंसान को वकार बख़्शता है वकार इंसान को तहज़ीब कर दर्स भी देता है। ये बात साबिक़ चीफ़ सेक्रेटरी वीएस दुबे ने कही। वो इतवार को बिहार संस्कृत संजीवनी समाज और एमपी लाइब्रेरी के जेरे एहतेमाम मुनक्कीद, सिधु घाटी तहज़ीब का श्काफती असाशा, मौजू पर लेक्चर पेश कर रहे थे। पाटलिपुत्र लाइब्रेरी में मुनक्कीद प्रोग्राम को खिताब करते हुये उन्होने कहा की सिधु घाटी तहज़ीब दुनिया की खुशहाली और जदीद तहज़ीब में से एक है। इस तहज़ीब से हमें अपनी शकाफत आलम और साइंस की सिम्त देती है।
लाइब्रेरी के बानी और मालिक एएम प्रसाद ने मेहमनान का शुक्रिया अदा किया। उन्होने लाइब्रेरी की कारगुज़ारीयों पर रोशनी डाली।

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