Thursday , December 14 2017

शमशीर कोड़ंगली की अदबी ख़िदमात को ख़िराजे अक़ीदत‌

कोड़ंगल, 05 अप्रेल: ये ख़बर अदबी हलक़ों में इंतिहाई अफ़सोस के साथ पढ़ी जाएगी कि ज़िला महबूबनगर के अदबी मुक़ाम कोड़ंगल से वाबस्ता मुमताज़ मज़ाहीया शायर जनाब शमशीर कोड़ंगली का 3 अप्रेल को चार बजे शाम बह उम्र 80 साल दिल का शदीद दौरा पड़ने से इंति

कोड़ंगल, 05 अप्रेल: ये ख़बर अदबी हलक़ों में इंतिहाई अफ़सोस के साथ पढ़ी जाएगी कि ज़िला महबूबनगर के अदबी मुक़ाम कोड़ंगल से वाबस्ता मुमताज़ मज़ाहीया शायर जनाब शमशीर कोड़ंगली का 3 अप्रेल को चार बजे शाम बह उम्र 80 साल दिल का शदीद दौरा पड़ने से इंतिक़ाल होगया। मरहूम, मुमताज़ सहाफ़ी-ओ-ख़ूशनवीस जनाब वहीद असीर के हक़ीक़ी बिरादर होते हैं। जनाब शमशीर गुज़िश्ता 8 बरसों से दिल की तक्लीफ़‌ में मुबतला थे। ज़िंदा दिलाँ हैदराबाद के मुशाविरों के इलावा हिन्दुस्तान की बेशतर रियासतों कर्नाटक, महाराष्ट्रा, भोपाल, दिल्ली वग़ैरा के कुल हिंद मुशाइरों में मदऊ किए जाते रहे।

ख़राब सेहत के बावजूद मरहूम दूर दराज़ मुक़ामात के कुल हिंद मुशाइरों में शिरकत करते रहे उन की मशहूर-ए-ज़माना नज़्में दूल्हे भाई और का वाले तेलंगाना ज़बान ज़द ख़ास-ओ-आम हो चुकी हैं। उन्हें उर्दू एकेडमी आन्ध्रा प्रदेश, उड़ीसा-ओ-बिहार वग़ैरा की जानिब से तौसीफ नामों से नवाज़ा गया था। इंतिक़ाल की ख़बर आम होते ही बिला लिहाज़ मज़हब-ओ-मिल्लते मुक़ामी-ओ-बैरूनी सोगवारों की कसीर तादाद अपने महबूब शायर की क़ियामगाह पहुंच कर आख़री दीदार किया और लवाहिक़ीन को पुर्सा दिया। बाद नमाज़े इशा जामा मस्जिद में नमाज़े जनाज़ा अदा की गई।

मरहूम के हक़ीक़ी बिरादर-ए-खु़र्द ख़तीबुद्दीन-ओ-इमाम जामा मस्जिद मौलाना हाफ़िज़-ओ-क़ारी मुहम्मद अबदुर्रशीद ने नमाज़े जनाज़ा पढ़ाई और दुआए मग़फ़िरत की। जुलूस जनाज़ा में लोगों की कसीर तादाद शरीक रही। जिन में सयासी, समाजी, मज़हबी, इलमी-ओ-अदबी अंजुमनों से वाबस्ता हज़रात मौलाना हाफ़िज़ मुहम्मद अबदुलबासित रशादी, मौलवी हाफ़िज़ मुहम्मद नसीर अहमद सिराजी, मौलवी हाफ़िज़ अबदुर्रशीद, पूनम चंद लाहोटी, सिरीनिवास रेड्डी, हनुमंत राओ, ताहिर ख़ान, हाफ़िज़ मुहम्मद यूसुफ़, शेख़ मुख़तार अहमद सिद्दीक़ी, ज़ाकिर हुसैन, सुलतान मुहीउद्दीन ग़ोसन, शेख़ महबूब, रज़ा अली शाह तकियादार, अलताफ़ रसूल, महमूद राही, क़ुद्दूस बिन अहमद, मुहम्मद साबिर, मक़सूद बिन अली, शाकिर कादरी, वाजिद रज़ा, साहब दाद ख़ान, मसऊद बिन अहमद वग़ैरा काबिले ज़िक्र हैं।

आबाई क़ब्रिस्तान मुत्तसिल ईदगाह तदफ़ीन अमल में आई। डा. सलीम आब्दी (हैदराबाद) चचा पालमोरी, सय्यद असग़र हुसैन तांडोर , मुजाहिद सिद्दीक़ी नारायण पेट, मुनव्वर अली मुख़्तसर (हैदराबाद), तमीज़ परवाज़ नांदेड़, शेख़ महबूब बारकस, शकील कादरी नायब क़ाज़ी तांडोर, अनवर पाशाह तांडोर, नाज़िम तांडोरी, फ़रीद सह्र हैदराबाद, रहीमुद्दीन डी ओ कलेक्टर ऑफ़िस हैदराबाद, साबिक़ रुकन असेम्बली कोड़ंगल गुरु नाथ रेड्डी, साबिक़ एम पी पी मदपा वग़ैरा ने अपने ताज़ियती पयामात में जनाब शमशीर की अदबी ख़िदमात को ज़बरदस्त ख़िराजे अक़ीदत पेश किया।

TOPPOPULARRECENT