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शरह तरक़्क़ी कम होकर 7.5 फ़ीसद होने का अंदेशा : परनब मुकर्जी

नई दिल्ली ०३ दिसम्बर: (पी टी आई) हुकूमत ने आज अंदेशा ज़ाहिर किया कि माली तहरीक फ़राहम करने केलिए वाजिबात 2008-09 के लिए मईशत के फ़रोग़ केलिए मुक़र्रर किए गए थे, लेकिन उन के सुस्त रफ़्तार होकर जारीया माली साल में 7.5 फ़ीसद होजाने का अंदेशा है।

नई दिल्ली ०३ दिसम्बर: (पी टी आई) हुकूमत ने आज अंदेशा ज़ाहिर किया कि माली तहरीक फ़राहम करने केलिए वाजिबात 2008-09 के लिए मईशत के फ़रोग़ केलिए मुक़र्रर किए गए थे, लेकिन उन के सुस्त रफ़्तार होकर जारीया माली साल में 7.5 फ़ीसद होजाने का अंदेशा है।

मर्कज़ी वज़ीर फ़ीनानस परनब मुकर्जी ने कहा कि बेशक वो इस मौक़िफ़ में नहीं है कि माली तहरीक की वो सतह फ़राहम करें जो उन्होंने 2008-09 में फ़राहम की थी। लेकिन बाअज़ पालिसी तबदीलीयां सूरत-ए-हाल को थोड़ा सा बेहतर बना सकती हैं, जो हम कर रहे हैं।

वो हिंदूस्तान टाइम्स लीडरशिप चोटी कान्फ़्रैंस से ख़िताब कर रहे थॆ। उन्होंने कहा कि जारीया आलमी ग़ैर यक़ीनी माली सूरत-ए-हाल के पेशे नज़र 2011-12 की शरह तरक़्क़ी मोतदिल यानी तक़रीबन 7.5 फ़ीसद होसकती है, जो 8.5 फ़ीसद मुक़र्रर की गई थी।

इस तरह इस में एक फ़ीसद का इन्हितात पैदा होने का अंदेशा है। परनब मुकर्जी ने 2011-12 के बजट में जी डी पी शरह तरक़्क़ी 9 फ़ीसद और इस में मज़ीद इज़ाफ़ा 0.25 फ़ीसद होने का इमकान ज़ाहिर किया था, लेकिन उन्हों ने कहा कि हमें मौजूदा सूरत-ए-हाल की तवक़्क़ो नहीं थी।

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