शरारती अनासिर के बहकावे में ना आएं : आज़म ख़ान

शरारती अनासिर के बहकावे में ना आएं : आज़म ख़ान
उत्तर प्रदेश में अक़ल्लीयती बहबूद और शहरी तरक़्क़ी के वज़ीर मुहम्मद आज़म ख़ां ने बरेली में हुए फ़साद की सख़्त अलफ़ाज़ में मुज़म्मत ( निंदा) की है। मिस्टर ख़ां ने कहा कि इस तरह के तशद्दुद और फ़साद मुल्क पर बदनुमा दाग़ हैं और इससे ना सिर्फ

उत्तर प्रदेश में अक़ल्लीयती बहबूद और शहरी तरक़्क़ी के वज़ीर मुहम्मद आज़म ख़ां ने बरेली में हुए फ़साद की सख़्त अलफ़ाज़ में मुज़म्मत ( निंदा) की है। मिस्टर ख़ां ने कहा कि इस तरह के तशद्दुद और फ़साद मुल्क पर बदनुमा दाग़ हैं और इससे ना सिर्फ शरारती अनासिर की जानिब से भाई चारे और समाजी एकता के बंधनों को नुक़्सान पहुंचता है बल्कि शरारती अनासिर समाज में नफ़रत के जज़बात भड़काने की कोशिश करते हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह के वाक़ियात और भड़काने वाले लोगों की जितने सख़्त अलफ़ाज़ में नुक्ता चीनी की जाय कि कम है। मिस्टर ख़ां ने बरेली के लोगों से अपील की है कि वो शरारती अनासिर के बहकावे में ना आएं और आपसी भाई चारे और समाजी रवादारी को बरक़रार रखें और उसे मज़ीद तक़वियत (जोर) दें।

उन्होंने कहा कि रियासत और मुल़्क की तरक़्क़ी तभी मुम्किन है जब सभी मज़ाहिब ( धर्म) के लोग आपस में मिल जल कर रियासत और मुल़्क की तरक़्क़ी के लिए मिल कर काम करें।

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