शरिया कानून के तहत तलाक़ को इस देश में नहीं दी जायेगी मान्यता!

शरिया कानून के तहत तलाक़ को इस देश में नहीं दी जायेगी मान्यता!

सांस्कृतिक बहुलता वाला देश जर्मनी बाल विवाह से लेकर तलाक जैसे मुद्दों पर परेशानियां झेल रहा है। ईयू की एक एक्सपर्ट राय के अनुसार शरिया कानून के तहत हुआ तलाक जर्मनी में मान्य नहीं होगा।

लक्जेमबर्ग में स्थिति सर्वोच्च यूरोपीय अदालत के महाधिवक्ता हेनरिक सॉगमंड्सगार्ड ओए ने कहा है कि चूंकि पुरुषों और महिलाओं को धार्मिक अदालत के सामने समान अधिकार प्राप्त नहीं है, यह कानून भेदभाव वाला है, इसलिए इसे यूरोपीय संघ के देशों में लागू नहीं किया जा सकता।

विवाद के केंद्र में एक सीरियाई दंपत्ति है जो जर्मनी में रहता है और जिसने अब जर्मन नागरिकता ले ली है। दोनों ने 1999 में सीरिया के होम्स शहर में शादी की थी। 2013 में पति ने सीरिया में एक धार्मिक अदालत के सामने एकतरफा बयान देकर तलाक ले लिया था।

पति ने जर्मनी में इस तलाक की मान्यता के लिए आवेदन दिया। म्युनिख की उच्च अदालत ने यूरोपीय संघ के कानून का हवाला देकर उसे मान लिया। जब पत्नी ने इस फैसले का विरोध किया तो अदालत ने मामले को यूरोपीय अदालत को भेजकर राय मांगी।

अब महाधिवक्ता हेनरिक सॉगमंड्सगार्ड ओए ने अपनी रिपोर्ट में तलाक को मान्यता देने का विरोध किया है और कहा है कि वह यूरोपीय संघ में मान्य नहीं है। हालांकि महाधिवक्ता की यह रिपोर्ट अदालत का फैसला नहीं है, लेकिन आमतौर पर अदालत महाधिवक्ता की सलाह को मान लेती है।

Top Stories