Wednesday , December 13 2017

शरीफ ने मुज़ाहिरीन के खिलाफ ताकत के इस्तेमाल से इंकार किया

वज़ीर ए आज़म नवाज शरीफ ने पाकिस्तान की दारुल हुकूमत के बीचोबीच इमरान खान और मौलवी ताहिर उल कादरी की अगुवाई में मुज़ाहिरीन को हटाने के लिए ताकत के इस्तेमाल से इंकार कर दिया |

वज़ीर ए आज़म नवाज शरीफ ने पाकिस्तान की दारुल हुकूमत के बीचोबीच इमरान खान और मौलवी ताहिर उल कादरी की अगुवाई में मुज़ाहिरीन को हटाने के लिए ताकत के इस्तेमाल से इंकार कर दिया |

इस्लामाबाद में सीनीयर सहाफियों से बातचीत करते हुए उन्होंने बात चीत के जरिए सियासी तातील को खत्म करने की पेशकश की और मुज़ाहिरा कर रहे लीडरों के साथ बात चीत करने की ख्वाहिश ज़ाहिर की |

शरीफ ने कहा, ‘‘हम पूरा परहेज़ दिखा रहे हैं क्योंकि मुज़ाहिरीन में ख्वातीन और बच्चे भी हैं.’’ हालांकि, वज़ीर ए आज़म ने ओहदा से हटने से इंकार करते हुए कहा कि इससे सियासी बोहरान गहरा जाएगा |

शरीफ ने कहा कि ज़्यादातर सियासी पार्टियों ने पार्लियामेंट में उनकी ताइद की है और जम्हूरियत और कानून की Supremacy की वे ताईद करते हैं उन्होंने कहा, ‘‘पार्लियामेंट में 12 सियासी पार्टियों में से 11 ने हमारी पार्टी और जम्हूरी अमल को ताईद की है.’’

वज़ीर ए आज़म का तब्सिरा इमरान खान और मौलवी ताहिरूल कादरी की तरफ शुरू मुज़ाहिरे के आठवें दिन आयी है. खान और कादरी गुजश्ता साल इंतेखाबात में मुबय्यना तौर पर हेरफेर का इल्ज़ाम लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.

उस इलेक्शन में शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन ने 342 में से 190 सीटों पर जीत हासिल की थी. खान की पार्टी ने 34 सीटें हासिल की थी |

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