Monday , September 24 2018

शरीयत के मुताबिक नहीं है तीन तलाक़ कानून- मोदी सरकार

नरेंद्र मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दलील पेश करने का निर्णय लिया है कि तीन तलाक कानून शरीयत के अनुसार नहीं है। क्योंकि पाकिस्तान, सउदी अरब सहित 20 इस्लामिक देश अपने खुद के वैवाहिक कानून का पालन करते हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, यदि इस्लामिक देश में वैवाहिक कानून का चलन और स्वीकारोक्ति है और यह यह शरीयत के खिलाफ नहीं है तो कैसे यह भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश में नहीं लागू हो सकता है, जहां मौलिक अधिकार संविधान के अंतर्गत संरक्षित है।

यूनिफॉर्म सिविल कोड का उल्लेख करते हुए केंद्र ने दलील पेश की है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की याचिका जिसमें कहा गया है कि तीन तलाक शरीयत के ही अनुसार पवित्र है, पूरी तरह से गलत है। इस तरह की प्रक्रिया से मौलिक अधिकारों का हनन होता है, जो भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश में नहीं होना चाहिए।

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