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शशिकला को आत्मसमर्पण के लिए अधिक समय देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इंकार

नई दिल्ली। एआइएडीएमके प्रमुख शशिकला नटराजन का राजनैतिक भविष्य शुरू होने से पहले ही खत्म हो गया है। तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का ख्वाब देख रही शशिकला को अब जेल जाना होगा। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने शशिकला को आत्मसमर्पण करने के लिए अधिक समय देने से इंकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि उन्हें तुरंत सरेंडर करना होगा।

गौरतलब है कि मंगलवार को सुप्रीमकोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में शशिकला व उनके दो रिश्तेदारों वीएन सुधाकरन और जे. इलावरसी को बरी करने का कर्नाटक हाईकोर्ट का फैसला रद कर दिया था। कोर्ट ने तीनों को भ्रष्टाचार के जुर्म में चार- चार साल की कैद व दस – दस करोड़ रुपये जुर्माने की सजा पर अपनी मुहर लगाई थी।

कोर्ट ने तीनों को सजा भुगतने के लिए तत्काल समर्पण करने का आदेश दिया है। सजा के बाद शशिकला कम से कम दस साल तक चुनाव लड़ने के अयोग्य हो गयी हैं। जाहिर है कि मुख्यमंत्री का सपना बहुत दूर हो गया है।

फैसले में कोर्ट ने शशिकला और उनके रिश्तेदारों पर कड़ी टिप्पणियां भी की हैं। कोर्ट ने कहा कि तीनों साजिश के तहत जयललिता की संपत्ति पर कब्जा जमाने के लिए उनके घर पर एक साथ रह रहे थे। हालांकि जयललिता की मृत्यु हो जाने के कारण कोर्ट ने उनके खिलाफ मामला खत्म कर दिया है। कोर्ट ने बढ़ते भ्रष्टाचार पर भी चिंता जताई है।

भ्रष्टाचार के अपराध में दोषी होने के कारण शशिकला दस साल के लिए चुनाव लड़ने के अयोग्य हो गयी हैं। कानून के मुताबिक सजा पूरी होने के छह साल बाद तक चुनाव लड़ने की अयोग्यता रहती है। शशिकला शुरुआत में करीब एक महीने जेल में रही हैं बाकी की सजा उन्हें भुगतनी होगी।

इस मामले में जयललिता शशिकला, सुधाकरन और इलावसी पर गैरकानूनी तरीके से 66.65 करोड़ की संपत्ति अर्जित करने का आरोप था जिसमें 53.60 करोड़ संपत्ति आय के ज्ञात स्त्रोतों से अधिक पायी गई।

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