Monday , December 18 2017

शहतूत फल भी दवा भी

रियाद, 05 दिसंबर (एजेंसी) कहते हैं Respberry,strawberry और Mulberry आपस में बहनें हैं। ये तीनों फल इतने लज़ीज़ और सेहत अफ़्ज़ा होते हैं कि उन्हें बच्चों से लेकर बूढ़े तक बेहद पसंद करते हैं। फ़िलहाल यहां ज़िक्र होगा Mulberry यानी शहतूत का जो गर्म मोतदिल इलाक़े में

रियाद, 05 दिसंबर (एजेंसी) कहते हैं Respberry,strawberry और Mulberry आपस में बहनें हैं। ये तीनों फल इतने लज़ीज़ और सेहत अफ़्ज़ा होते हैं कि उन्हें बच्चों से लेकर बूढ़े तक बेहद पसंद करते हैं। फ़िलहाल यहां ज़िक्र होगा Mulberry यानी शहतूत का जो गर्म मोतदिल इलाक़े में पैदा होता है।

ये इस क़दर मीठा और लज़ीज़ होता है कि कभी कभी रस की ज़्यादती की वजह से दरख़्तों पर लगे शहतूत से रस टपकने लगता है। शहतूत में कई विटामिंस पाए जाते हैं जो सेहत के लिए मुफ़ीद होते हैं। इसे शूगर के मरीज़ भी खा सकते हैं लेकिन एतिदाल के साथ। कई ममालिक में शहतूत का मीठा भी बनाया जाता है जो शादी ब्याह और दीगर तक़रीबात में मेहमानों को खिलाया जाता है।

शहतूत के दरख़्त हिंदूस्तान के कई शहरों में पाए ज़रूर जाते हैं लेकिन उनसे वाक़फ़ीयत बहुत कम लोगों को होती है। शहतूत तोड़ने के लिए बच्चे दरख़्तों पर चढ़ जाते हैं और जिस तरह जामुन, आम या दीगर फलों को हासिल करने पत्थर मारे जाते हैं, वैसे ही शहतूत के दरख़्त के साथ भी किया जाता है लेकिन शहतूत इतनी आसानी से नहीं टूटता।

कई निशाने लगने के बाद एक आध शहतूत हाथ में आता है। बहरहाल इस्ट्राबेरी और रास्पेरी के ख़ानदान का ये फल मलबेरी इंतिहाई लज़ीज़ और सेहत अफ़्ज़ा होता है। ये दवा साज़ी में भी काम में आता है। जिस तरह दवा साज़ी के दौरान कई मीठे मुरब्बे तैयार किए जाते हैं बिलकुल इसी तरह शहतूत का मुरब्बा भी तैयार किया जाता है जो ना सिर्फ़ ज़ायक़ादार बल्कि कई बीमारीयों के ईलाज में भी काम में आता है।

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