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शहर की कई मसाजिद में पहली नमाज़ तरावीह तारीकी में अदा की गई

हैदराबाद 07 जून: रमज़ान उल-मुबारक के मौके पर हैदराबाद की तारीख़ी मक्का मस्जिद और दुसरे बड़ी मसाजिद के अलावा शहर के तमाम मुस्लिम अक्सरीयती इलाक़ों में बर्क़ी आबरसानी और बलदिया के बेहतर इंतेज़ामात के बारे में हुकूमत तेलंगाना की तरफ़ किए गए तमाम वादे अमली तौर पर खोखले और ग़लत साबित हुए।

रुयते हिलाल कमेटी की तरफ से आज शब-ए-माह सय्याम रमज़ान उल-मुबारक का चांद नज़र आने की इत्तेला के साथ ही तमाम तरावीह की अदायगी के लिए दोनों शहरों में ख़वातीन और बच्चों की कसीर तादाद ने तैयारीयों का आग़ाज़ कर दिया गया। इस मौके पर सड़कों पर ट्रैफ़िक में इज़ाफ़ा हो गया और बाज़ारों में ज़बरदस्त घुमा घुमी देखी गई।

इस दौरान मुसलमानों की कसीर तादाद पूरे ख़ुशू-ओ-ख़ुज़ू के साथ नमाजे तरावीह के लिए मसाजिद पहुंच गई। मक्का मस्जिद मस्जिद चौक मस्जिद फ़तह दरवाज़ा मस्जिद दारुलशफ़ा मस्जिद बाग़ आम्मा के अलावा बहादुर पूरा चारमीनार मोग़लपुरा बारकस संतोषनगर सईदाबाद याक़ूतपूरा दबीरपूरा चंचलगुड़ा मलकपेट आज़मपूरा चादरघाट काचीगुड़ा मुशीराबाद टोलीचोकी मह्दीपटनम बंजारा हिलस वग़ैरा जैसे कई इलाक़ों की मसाजिद मुस्लियों की कसीर तादाद ने चाँद-रात को नमाजे तरावीह अदा की। कई मसाजिद में दौरान कई मर्तबा बर्क़ी सरबराही मस्दूद होजाने के सबब मुस्लियों को दुशवारीयों का सामना करना पड़ा।

शहर की सबसे बड़ी मक्का मस्जिद में बर्क़ी के बेहतर इंतेज़ामात से मुताल्लिक़ हुकूमत और रियासती वुज़रा के वादे ग़लत साबित हुए जहां हुकूमत के ज़िम्मेदारों ने ख़ुद-कार जनरेटर नसब करने का एलान किया था जिसके बरख़िलाफ़ एसा कोई इंतेज़ाम नहीं हो सका। बारिश के आग़ाज़ के साथ ही बर्क़ी मस्दूद हो गई और पहले से नाकारा माईक सिस्टम भी पूरी तरह बंद हो गया।

बर्क़ी शॉर्ट सर्किट के सबब मक्का मस्जिद का एक बर्क़ी फयान जल उठा और मस्जिद में मामूली धुआँ जमा हो गया। दो मर्तबा बर्क़ी सिलसिला मुनक़ते होने के सबब मसलयान मक्का मस्जिद को सख़्त मुश्किलात का सामना करना पड़ा।

हाफ़िज़-ओ-क़ारी मुहम्मद रिज़वान क़ुरैशी मक्का मस्जिद में क़ुरआन-ए-मजीद के रोज़ाना तीन पारे सुना रहे हैं। पुराने शहर के कई इलाक़ों में तीनता चार घंटे बर्क़ी मस्दूद रही। बाज़ मसाजिद में वुज़ू के लिए पानी की क़िल्लत की शिकायात भी आम रहें।

डरेंज के ग़ैर नकिस इंतेज़ामात के लिए बारिश के सबब कई सड़कों पर पानी जमा हो गया था और कई सड़कों पर ख़तरनाक खडे के सबब जहां दिन में ही चलना दुशवार है रात के दौरान अंधेरे में राहगीरों की आमद-ओ-रफ़त के लिए मज़ीद दुशवार गुज़ार हो गईं। खास्कर रमज़ान के दौरान पुराने शहर में बलदी बर्क़ी-ओ-आबरसानी के नाक़िस इंतेज़ामात पर शहरीयों ने सख़्त एहतेजाज-ओ-ब्रहमी का इज़हार किया है।

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