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शहर की सड़कों पर मौत का नाच

हैदराबाद शहर और आस पास सड़कों पर मौत रक़्स (नाच) कर रही है । इस साल के शुरुआती चार महीनों में इन सड़कों पर हुए हादिसों में 563 अफ़राद (लोग) हलाक हुए । ट्रैफ़िक पुलिस की तरफ़ से मुहिम चलाने और बलदी हुक्काम के बेहतर इनफ़रास्ट्रक्चर सहूल

हैदराबाद शहर और आस पास सड़कों पर मौत रक़्स (नाच) कर रही है । इस साल के शुरुआती चार महीनों में इन सड़कों पर हुए हादिसों में 563 अफ़राद (लोग) हलाक हुए । ट्रैफ़िक पुलिस की तरफ़ से मुहिम चलाने और बलदी हुक्काम के बेहतर इनफ़रास्ट्रक्चर सहूलतें फ़राहम करने के दावे अपनी जगह हैं, लेकिन ये एक तल्ख़ हक़ीक़त है कि हैदराबाद और साइबराबाद कमिशनरीयट के हदूद (कार्य क्षेत्र) में सड़क हादिसों में मरने वालों की तादाद बढ़ती ही जा रही है। साइबराबाद में साल 2011 के शुरुआती चार माह में 380 अफ़राद हलाक हुए थे। इस साल के शुरू के चार माह में हादिसों में हलाकतों की तादाद 402 है। इस का मतलब गुज़िश्ता साल से अम्वात (मरने वालों) में 22 इज़ाफ़ा है।

हैदराबाद के आदाद-ओ-शुमार (statistics) भी बेहतर नहीं हैं। 2011 के शुरुआती चार महीनों में हादिसों में 137 अम्वातहुईं जबकि इस साल शुरुआती चार महीनों में 161 अफ़राद हादिसात (accidents) में हलाक हुए यानी हैदराबाद में 24 ज़ाइद अम्वात(मौतें) हुईं। साइबराबाद में हादिसों और जख्मी अफ़राद की जुमला तादाद में इज़ाफ़ा हुआ है जबकि हैदराबाद में हादिसों और जख्मीयों की तादाद में कमी हुई । ट्रैफ़िक पुलिस का कहना है कि हादिसात (accidents) की कई वजूहात हैं। बेधड़क ड्राइविंग हर रोज़ गाड़ीयों की बढ़ती तादाद और नाकाफ़ी इनफ़रास्ट्रक्चर सहूलतें ट्रैफ़िक पुलिस के ख़्याल में हादिसात (accidents) की वजह हैं।

आउटर रिंग रोड जो अभी मुकम्मल नहीं हुई है, गुज़श्ता छः माह में हादिसात (accidents) में हुई अम्वात की एक वजह है। जवाइंट कमिशनर साइबराबाद-ओ-इंचार्ज ट्रैफ़िक अतुल सिंह का ख़्याल है कि पुलिस और ग्रेटर हैदराबाद म्यूनसिंपल कारपोरेशन के हुक्काम(अधिकारीयों) के माबैन बेहतर ताल मेल के ज़रीया हादिसों को कम किया जा सकता है। उन्हों ने कहा कि साइबराबाद के इलाक़ों बिशमोल इबराहीम पटनम पर ख़ास तवज्जा दी जानी चाहीए। हैदराबाद ट्रैफ़िक पुलिस के ऐडीशनल कमिशनर सी वे आनंद ने कहा कि हैदराबाद में हादिसों के 161 महलूकीन में 66 पैदल चलने वाले अफ़राद और 49 टूव्हीलर सवार शामिल हैं। इन का ख़्याल है कि हादिसात (accidents) का ज़्यादा शिकार पैदल चलने वाले और टूव्हीलर सवार हो रहे हैं। इस सूरत-ए-हाल को पेशे नज़र रखते हुए ट्रैफ़िक पुलिस मुनासिब इंतिज़ामात कर रही है। इस का निशाना इस साल हादिसात (accidents) को 10फ़ीसद तक कम करना है।

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