Friday , December 15 2017

शहर के वाक़ियात से कारोबार‌ पर बुरा असर

पहले ज़िमनी इंतिख़ाबात फिर सिगा रेड्डी फ़िर्कावाराना फ़सादाद श्री राम नवमी और फिर हनूमान जयंती के दौरान कारोबार ठप होने से शहर के कारोबारी अफ़राद परेशान थे और जब हनूमान जयंती पुर अमन गुज़र गई तो शहरीयों बिलखुसूस कारोबारी तबक़ा इतम

पहले ज़िमनी इंतिख़ाबात फिर सिगा रेड्डी फ़िर्कावाराना फ़सादाद श्री राम नवमी और फिर हनूमान जयंती के दौरान कारोबार ठप होने से शहर के कारोबारी अफ़राद परेशान थे और जब हनूमान जयंती पुर अमन गुज़र गई तो शहरीयों बिलखुसूस कारोबारी तबक़ा इतमीनान की सांस लेते हुए इस उम्मीद का इज़हार करने लगा कि तमाम ख़दशात दूर होचुके हैं और अब कारोबार में इज़ाफ़ा होगा, लेकिन अंदरून दो यौम ही कारोबारी तबक़ा का ये इतमीनान एक मर्तबा फिर मुतज़लज़ल होगया।

कारोबारी अफ़राद बिलखुसूस छोटे कारोबार से ताल्लुक़ रखने वाले अफ़राद ने बताया कि गुज़श्ता दो बरसों से कारोबार बुरी तरह से मुतास्सिर थे। तेलंगाना तहरीक और फिर ज़िमनी इंतिख़ाबात के बाद फ़िर्कावाराना हम आहंगी को मुतास्सिर करने वाले जुलूस के सबब कारोबार बिलकुल्लिया तौर पर ठप होकर रह गए थे।

ज़िमनी इंतिख़ाबात से क़बल कुछ हद तक कारोबार में बेहतरी पैदा हुई थी लेकिन ज़िमनी इंतिख़ाबात के एलान के साथ ही एक मर्तबा फिर कारोबार मुतास्सिर हुए जिस का सिलसिला हनूमान जयंती तक जारी रहने का ख़दशा था और ब्योपारियों के ख़दशात के मुताबिक़ कारोबार हनूमान जयंती के पुरअमन गुज़रने तक काफ़ी मुतास्सिर रहे और हनूमान जयंती के दूसरे ही दिन कारोबार में बेहतरी पैदा होने की तवक़्क़ो जाग उठी लेकिन ये तवक़्क़ु 24 घंटे तक भी बरक़रार नहीं रहि।

सईदाबाद और मादन्ना पेट वाक़ियात के रौनुमा होने पर ब्योपारी तबक़ा ने शदीद रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करते हुए कहा कि इस तरह के वाक़ियात शहरीयों के लिए मुश्किलात का बाइस हैं। कारोबारी तबक़ा के मुतास्सिर होने से सैंकड़ों ख़ानदान मुतास्सिर होते हैं और लोग मआशी तौर पर बोहरान का शिकार होजाते हैं।शहर से ताल्लुक़ रखने वाले ब्योपारियों ने बताया कि रियासत आंधरा प्रदेश के किसी भी ज़िला में होने वाली बदअमनी का असर रास्त तौर पर रियासत के सदर मुक़ाम के बाज़ारों पर होता है जिस के सबब सब से ज़्यादा हैदराबाद के कारोबारी अफ़राद मुतास्सिर हो रहे हैं।

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