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शहर में जाली करंसी के चलन की शिकायात आम

आंध्र प्रदेश के मुख़्तलिफ़ मुक़ामात बिलख़ुसूस शहर हैदराबाद में आज-कल जाली करंसी नोटों की गश्त में ख़तरनाक हद तक इज़ाफ़ा हुआ है। जाली करंसी नोटों के बाइस बैंकों में सारिफ़ीन और अरकाने अमला के दरमियान बहस और तकरार के मनाज़िर भी देखे जा र

आंध्र प्रदेश के मुख़्तलिफ़ मुक़ामात बिलख़ुसूस शहर हैदराबाद में आज-कल जाली करंसी नोटों की गश्त में ख़तरनाक हद तक इज़ाफ़ा हुआ है। जाली करंसी नोटों के बाइस बैंकों में सारिफ़ीन और अरकाने अमला के दरमियान बहस और तकरार के मनाज़िर भी देखे जा रहे हैं। जब कि क़ानून के ख़ौफ़ के मारे कुछ लोग जाली करंसी नोटों का पता चलने पर उसे ज़ाए कर रहे हैं।

इस तरह उन्हें सच्चाई पर होने के बावजूद नुक़्सान बर्दाश्त करना पड़ रहा है। हालिया अर्सा के दौरान शहर और बाअज़ अज़ला में जाली करंसी नोटों ख़ासकर 1000 और 500 की करंसी नोटों को बाज़ार में लाने वाले अफ़राद और टोलियों की गिरफ्तारियां अमल में आई हैं।
और उन के क़ब्ज़े से लाखों रुपये मालियती जाली करंसी ज़ब्त की गई है। कुछ दिन क़ब्ल राक़िमुल हुरूफ़ को एक बैंक जाने का इत्तिफ़ाक़ हुआ जहां एक कस्टमर बैंक मैनेजर से बहस कर रहा था।

वजह मालूम करने पर पता चला कि दर असल उस शख़्स के करंसी नोटों में एक नोट जाली आ गई थी और मैनेजर ने क़ानून के मुताबिक़ इस नोट पर स्याह लकीरें मारते हुए ज़ाए कर दिया था। चूँकि नोट 500 रुपये की थी इस तरह सारिफ़ को पाँच सौ रुपये का नुक़्सान हो गया।

बैंक मैनेजर ने बताया कि बाअज़ मर्तबा जाली करंसी नोट आ जाती हैं और इस तरह के नोटों को तलफ़ करना हर ज़िम्मेदार शहरी की ज़िम्मेदारी है। क़ारईन 1000 और 500 रुपये की करंसी नोटों के लेने और देने के वक़्त इंतिहाई चौकस रहना ज़रूरी है। बाज़ार में जाली करंसी नोटों के चलन की बहुत ज़्यादा शिकायात सुनने में आ रही हैं।

22 अक्टूबर को सेंट्रल टास्क फ़ोर्स की टीम ने काली क़ब्र इलाक़ा में निज़ामाबाद के साकिन ग़ौस नामी 48 साला शख़्स को गिरफ़्तार करते हुए इस के क़ब्ज़े से 500 रुपये के जाली करंसी नोटों की कसीर मिक़दार ज़ब्त की थी।

यही नहीं बल्कि नेपाल , बंगलादेश, अफ़्ग़ानिस्तान और हॉलैंड में भी जाली करंसी नोटिस ज़ब्त किए गए। जहां तक आंध्र प्रदेश में जाली करंसी ज़ब्त किए जाने का सवाल है एक माह में एक वाक़िया ज़रूर पेश आ रहा है। 6 अक्टूबर को इस तरह के रैकेट का पर्दाफ़ाश करते हुए 2-3 लाख जाली करंसी ज़ब्त की थी और इस सिलसिले में तीन अफ़राद की गिरफ़्तारी भी अमल में आई थी। वैसे भी सरहदों पर आए दिन लाखों रुपये की जाली करंसी की ज़ब्ती अमल में आती रही है।

ज़रूरत इस बात की है कि कारोबारी हज़रात जाली करंसी की निशानदेही करने वाली मशीनों का इस्तेमाल करें जब कि बैंकों में खासतौर पर इस मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा है जो ना सिर्फ़ नोटों की गिनती करती है बल्कि इस में से जाली नोटों को बाआसानी निकाल भी देती है। ये भी बताया जाता है कि पैट्रोल पंप्स और पान के डिब्बों पर जब कि ग्राहकों की कसीर तादाद होती है जाली करंसी चलाने की कोशिश की जाती है। ऐसे में आम आदमी से लेकर कारोबारी हज़रात सब को चौकस रहने की ज़रूरत है।

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