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शहला मसूद हत्याकांड: जाहिदा ने अपनी डायरी में लिखा, हत्या के बाद मैंने बहुत रिलैक्स महसूस किया

शहला मसूद हत्याकांड की मुख्य षडयंत्रकर्ता जाहिदा परवेज समेत चार लोगों को पिछले दिनों इंदौर की एक विशेष अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं इस मामले में सरकारी गवाह बन चुके आरोपी इरफान को क्षमादान दे दिया। लेकिन इधर यह बात सामने आई है कि सीबीआई लगातार जाहिदा परवेज की सीसीटीवी फुटेज और डायरी का इस्तेमाल हत्याकांड को सुलझाने के लिए रही थी।

बता दें कि शहला एक इवेंट मैंनेजर थी, जो बाद में चलकर आरटीआई कार्यकर्ता बन गई। शहला की हत्या 16 अगस्त, 2011 को भोपाल स्थित कोह-ए-फिजा इलाके में घर स्थित उसके घर के बाहर कर दी गई थी। सीबीआई के मुताबिक, जाहिदा का संबंध भाजपा के पूर्व विधायक ध्रुवनरायण सिंह के साथ था और वो शहला मसूद के साथ बढ़ते उसके संबंधों से परेशान थी।

सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक, जाहिदा, ध्रुवनारायण सिंह से प्यार करती थीं। जाहिदा ने ध्रुव और शेहला की नजदीकियों से आहत होकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया। शुरुआती जांच में ध्रुवनारायण सिंह से भी पूछताछ की गई थी। उसका पॉलीग्राफ टेस्ट भी हुआ। लेकिन जांच में ध्रुव के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले। इसके बाद सीबीआई ने उसे क्लीन चिट दे दी।

वहीं अब सीबीआई ने एक अलग से जांच रिपोर्ट फाईल किया है जिसमें कहा गया है कि पूर्व विधायक ध्रुवनरायण सिंह के कई महिलाओं के साथ अनुचित संबंध थे। लेकिन हत्या के बाद आरोपी वो किसी भी तरह से अरोपियों के संपर्क में नहीं था।

केंद्रीय एजेंसी ने विशेषज्ञों से जांच कराने के बाद पाया है कि जाहिदा की डायरी की जो लिखावट है वो उसी की है। सीबीआई ने जाहिदा के एम.पी. नगर कार्यालय से सीसीटीवी का डीवीडी, हार्ड डिस्क, पेन ड्राईव और मोबाईल जब्त किया गया था।

रिपोर्ट में पाया गया है कि सीसीटीवी फुटेज में काफी अंतरंग दृश्य हैं और वो काफी संवेदनशील प्रकृति के हैं। लेकिन इसमें ऐसा कुछ भी नहीं जिससे यह साबित होता हो कि ध्रुवनरायण सिंह इस हत्याकांड में शामिल था।

हत्या के दिन जाहिदा की डायरी में जो दर्ज है, उसमें लिखा, शहला की हत्या उसके घर के सामने गोली मारकर की गई थी। उसमें जाहिदा ने लिखा है, “मैं सुबह से ही बहुत परेशान थी। अचानक से शाकिब ने कॉल किया। उसने कहा, मुबारक हो साहेब, हमने उसके घर के सामने ही किया। उसके बाद मैं प्रार्थना करने के लिए घर लौट आई।” उसके आगे लिखा है, “मैं बहुत रिलैक्स महसूस कर रही थी…मस्जिद गई। मेरे मोबाईल पर बहुत सारे मिस्ड कॉल आए।”

जाहिदा ने उसके पहले उल्लेख किया है कि भारतीय जनता पार्टी के नेता, जिसे वो ध्रुव कहकर संबोधित करती है, के जन्मदिन (26 जुलाई) पर शहला को फोन नहीं किया था। बल्कि 27 जुलाई 2011 की शाम को शहला को ध्रुव के घर पर पाया था।

डायरी में लिखा है, “मैंने कोई 7:45 बजे शाम को ध्रुव को फोन लगाकर उसकी ऐसी की तैसी कर दी थी, खुब रोई मैं। दूसरे नंबर से मैं शिला को भी फोन किया था। केवल 30 सेकेंड के लिए मैंने उससे बात किया। मैं बहुत रोई।”

डायरी में फरवरी और अप्रैल 2010 के बीच चार इंट्री है, इसमें जाहिदा ने लिखा है, “मुझे ये चीज मार डाल रही थी कि उसका शहला के साथ संबंध है…और सभी दूसरी औरतों के साथ चक्कर है।

डायरी में यह भी उल्लेख है कि कैसे उसने कुछ नौकरों से विधायक की जासूसी कराई। खुद उसका पीछा किया और यहां तक कि उसके फोन से कॉल रिकॉर्ड निकालने की कोशिश की।

अभियोजन पक्ष का कहा है कि जाहिदा ने साकिब नाम के एक लोकल गुंडे को शहला की हत्या के लिए एक रुपये की दिया। उसने शहला को मारने के लिए कानपुर के रहने वाले इरफान और ताबिश को हायर किया। सभी हत्या करने के लिए सहमत थे, जबकि इरफान इसके लिए तैयार नहीं हुआ, लेकिन मौके पर ताबिश ने ट्रीगर दबा दिया। बाद में इरफान एक सरकारी गवाह बन गया।

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