Saturday , December 16 2017

शहाबुद्दीन के समर्थकों ने लालू को पार्टी से निकालने के प्रस्ताव पर लगाई मुहर

पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को पार्टी से निकालने की बात आपको थोड़ी अटपटी लगे लेकिन यह बात बिलकुल सच है, कल शनिवार को गोपालगंज के तुरकाहा में सैंकड़ो की संख्या में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए अल्पसंख्यकों की बैठक में शहाबुद्दीन को दोबारा जेल जाने की घटना को लालू यादव और बिहार सरकार की साजिश करार देते हुए लालू प्रसाद यादव को पार्टी से निकलने का प्रस्ताव पास कर दिया.

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ETV के अनुसार,11 साल बाद जेल से बाहर आने के बाद शहाबुद्दीन ने खुलकर लालू यादव का समर्थन किया था. साथ ही शहाबुद्दीन की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर किए गए तीखे हमले पर भी लालू यादव ने चुप्पी साध ली थी. अब दोबारा से शहाबुद्दीन के जेल जाने के बाद उसके समर्थक लालू यादव के विरोध में खड़े हो गए हैं. शहाबुद्दीन मुक्ति आंदोलन के नाम से गठित शहाबुद्दीन के समर्थकों की कमेटी ने शनिवार को गोपालगंज में बैठक की और लालू प्रसाद यादव को राजद से बाहर निकालने के प्रस्ताव को पास कर दिया.

इससे पहले सीवान के रघुनाथपुर से राजद विधायक हरिशंकर यादव ने पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन की तारीफ में जमकर तारीफ करते हुए कहा था कि उन्होंने शहाबुद्दीन के साथ अपनी राजनीति की शुरुआत की थी और जब तक वे जिंदा रहेंगे उनके साथ रहेंगे, चाहे वे विधायक रहें या न रहें.विधायक हरिशंकर यादव ने सीवान परिसदन में कहा था कि सीवान में राजद नहीं बल्कि शहाबुद्दीन ही पार्टी हैं और उनके लीडर भी शहाबुद्दीन ही हैं.

सिवान के पूर्व सांसद और राजद के बाहुबलि नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन के जेल जाने से नाराज अल्पसंख्यकों ने इस साल मुहर्रम नहीं मनाने का निर्णय लिया है.
अल्पसंख्यक नेता और शहाबुद्दीन समर्थक मेताब ने कहा कि राजद को पार्टी के तौर पर स्थापित करने में शहाबुद्दीन का अहम योगदान रहा है. वे पार्टी के स्थाई सदस्य रहे हैं, लालू प्रसाद और सूबे की सरकार पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के साथ नाइंसाफी कर रही है. ऐसे में लालू प्रसाद यादव को ही क्यों ने पार्टी से निकाल दिया जाए.

शिबली नोमानी ने भी कहा कि , मोहम्मद शहाबुद्दीन जब कद्दावर नेता बनकर जेल से बाहर आये. शहाबुद्दीन के प्रति लोगों की मोहब्बत और उमाड़ गई जिस को लालू और नीतीश पचा नहीं पाए. इसी वजह से दोनों ने मिलकर उन्हें दोबारा जेल भेज दिया. जबकि मुसलमान समाज शहाबुद्दीन को अपना नेता मान चुका है.

सामाजिक कार्यकर्ता मुहम्मद हसीब के अनुसार, राष्ट्रीय जनता दल किसी की जागीर नहीं है, यह पार्टी संगठन से चलता है. लालू यादव ने षड्यंत्र के तहद शहाबुद्दीन को जेल भेजा है. अगर लालू यादव को पार्टी से नहीं निकला गया तो आने वाले अगले चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा.

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