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शादां और वी आर के मैडीकल कॉलिजस को पोस्ट ग्रैजूएट सैंटरस से मुजव्वज़ा तरक़्क़ी

आइन्दा साल चार मैडीकल कॉलिजस की शुरूआत का ऐलान करते हुए डाक्टर मुहम्मद वज़ारत रसूल ख़ान चीफ़ प्रोमोटर शादां ग्रुप आफ़ इंस्टी टयूशंस ने कहा कि शहर हैदराबाद में दो वजए वाड़ा और नैलोर में एक एक मैडीकल कॉलिज का क़ियाम अमल में लाते हु

आइन्दा साल चार मैडीकल कॉलिजस की शुरूआत का ऐलान करते हुए डाक्टर मुहम्मद वज़ारत रसूल ख़ान चीफ़ प्रोमोटर शादां ग्रुप आफ़ इंस्टी टयूशंस ने कहा कि शहर हैदराबाद में दो वजए वाड़ा और नैलोर में एक एक मैडीकल कॉलिज का क़ियाम अमल में लाते हुए एक नई तारीख़ रक़म की जाएगी और शादां इंस्टीटियूट आफ़ मैडीकल साइंसिस डाक्टर वे आर के वीमनस मैडीकल कॉलिज को पी जी इंस्टीट्यूट्स की हैसियत से तरक़्क़ी दी जा रही है इस साल शादां इंस्टीटियूट आफ़ मैडीकल साइंसिस को 50पी जी नशिस्तें मैडीकल कौंसल आफ़ इंडिया( एमसी आई) की जानिब से मंज़ूर की गई हैं आइन्दा 200पी जी नशिस्तें शुरू की जाएंगी। डाक्टर वज़ारत रसूल ख़ान शादां इंस्टीटियूट आफ़ मैडीकल साइंसिस के ओरियंटेशन प्रोग्राम को मुख़ातब कररहे थी।

उन्हों ने कहा कि अक़ल्लीयती तालीमी इदारों का क़ियाम जोय शेर लाने से कम नहीं है शादां एज्यूकेशन सोसाइटी की ज़ेर-ए-निगरानी काम करने वाले तालीमी इदारों को कई क़ुर्बानीयों दे कर क़ायम किया गया जिन्हें फ़रामोश नहीं किया जा सकता।अब मुस्लिम तबक़ा की ज़िम्मेदारी है कि वो इन तालीमी इदारों से भरपूर इस्तिफ़ादा करें। उन्हों ने कहा कि तीन साल पहले एमसट में सिर्फ 3हज़ार मुस्लिम तलबा कामयाब हुए गुज़श्ता 5हज़ार और इस साल 6हज़ार तलबा कामयाब हुए हैं । शादां और डाक्टर वे आर के मैडीकल कॉलिज में ईमानदारी के साथ मेरिट की बुनियाद पर दाख़िले दिए गए हैं।

डाक्टर ख़ान ने कहा कि इन टी आर यूनीवर्सिटी आफ़हैल्थ की जानिब से एमबी बी ऐस तलबा के साल में सिर्फ 7टसट लिए जाते हैं जबकि शादां मैडीकल कॉलिज में 14टसट लिए जाते हैं ताकि यहां ज़ेर-ए-तालीम तलबा को बेहतरीनमुज़ाहरा के काबिल बनाया जाय और उन में मसह बिकती जज़बा पैदा किया जाय ये वजह है कि एमबी बी उसके 98और 99फ़ीसद नताइज बरामद होरहे हैं।डाक्टर ख़ान ने तलबा से अपील की कि वो रोज़ाना 5ताघनटे पूरी दिलचस्पी-ओ-लगन के साथ अपनी पढ़ाई पर सिर्फ करें।डाक्टर दिनेश राज माथुर ने शादां मैडीकल कॉलिज की रिपोर्ट पेश की और मेहमानों का ख़ैर मुक़द्दम किया और कहा कि डाक्टर सारब रसूल ख़ान एकज़ीकटो डायरैक्टर शादां इंस्टीटियूट आफ़ मैडीकल साइंसिस की निगरानी में ये तालीमीइदारा काम कर रहा है ।

मुहतरमा शादां तहनियत सैक्रेटरी शादां एजूकेशन सोसाइटी ने कहा कि एमबी बी ऐस मेंदाख़िला लेने केलिए जितनी मेहनत की गई है अब इस से ज़्यादा मेहनत की ज़रूरत है । ये मैडीकल कॉलिज नहीं है बल्कि एक मैडीकल स्कूल है जहां तलबा केलिए ड्रैस कोड नाफ़िज़है ।उन्हों ने कहा कि तलबा को चाहीए कि वक़्त पर और पाबंदी के साथ क्लासस में शरीक हूँ और अपने वालदैन की उम्मीदों-ओ-तमन्नाओं को पूरा करते हुए मुल्क-ओ-क़ौम का नाम रोशन करें। वालदैन को चाहीए कि वो अपने बच्चों की तालीमी हालत का वक़तन फ़वक़तन जायज़ा लें और टीचर्स से रब्त पैदा करें या बॉलर अस्त उन से कॉलिज के औक़ात में बुला रोक टोक मुलाक़ात करके अपने बच्चों की तफ़सीलात हासिल करें। जनाब सय्यद एज़ाज़ अलरहमन वाइस चेयरमैन शादां एज्यूकेशन सोसाइटी ने मुख़ातब करते हुए वालदैन-ओ-तलबा को मुबारकबाद दी ।उन्हों ने कहा कि एमबी बी ऐस में कामयाबी के लिए ज़रूरी है कि सख़्त मेहनत की जाय इस में कोई शक नहीं कि ज़हानत भी अहम है लेकिन डिसिप्लिन और मेहनत का कोई मुतबादिल नहीं है।

जनाब एज़ाज़ अलरहमन ने कहा कि ये बड़े फ़ख़र की बात है कि शादां इंस्टीटियूट आफ़ मैडीकल साइंसिस में 2005से आज तक एक भी रियागंग का वाक़िया पेश नहीं आया यहां के असातिज़ा माहिर-ओ- इंतिहाई तजरबाकार हैं उन की महन्तों से ही बेहतरीन नताइज आरहे हैं।उन्हों ने तलबा से कहा कि वो अपनी तालीम पर तवज्जा दें क्योंकि असल कैरियर यहां से शुरू होता है और अपने अंदर मसह बिकतीजज़बा को फ़रोग़ दें ।प्रोफ़ैसर अहमद उल्लाह साबिक़ डीन आफ़ ला उस्मानिया यूनीवर्सिटी-ओ-मैंबर पी सी एमबी ने डाक्टर वज़ारत रसूल ख़ान और उन के अफ़राद ख़ानदान कीनाक़ाबिल फ़रामोश ख़िदमात की सताइश की और कहा कि डाक्टर वज़ारत ने जहां आला से आला मयार को तर्जीह देते हुए कॉलिज इनफ़रास्ट्रक्चर को बनाया है वहीं दूसरी जानिब से मुल्क भर से मुमताज़-ओ-माया नाज़ फैकल्टी मैंबरस की ख़िदमात हासिल करते हुए शादां मैडीकल कॉलिज को एक मुनफ़रद मुक़ाम अता किया ही।

उन्हों ने एमबी बी ऐस साल अव्वल के तलबा को बताया कि जहां इंसानी जिस्म को बीमारीयां लाहक़ होजाती हैं तो उन का ईलाज किया जाता है वहीं आज मुआशरा-ओ-समाज में बुराईयां जुर्म-ओ-गुनाह आम हैंचुनांचे इन बीमारीयों के ख़ातमा के लिए नौजवान नसल को चाहीए कि वो इन बुराईयों के ख़िलाफ़ उठे और अच्छे और बुरे में तमीज़ पैदा करे और मुआशरा की बुराईयों को ख़त्म‌ करें । उन्हों ने कहाकि तरक़्क़ी के नाम पर चाय की जगह बीर पेश की जाय और शादी के बगै़र मर्दो औरत में ताल्लुक़ात क़ायम होजाएं तो ये तरक़्क़ी नहीं है बल्कि ये हमारी तबाही है ।उन्हों ने कहा कि अगर किसी क़ौम को तबाह करना है तो क़ौम के नौजवानों को ऐश-ओ-इशरत में मुबतला कर दिया जाता है चुनांचे आज एक ग़ैर महसूस तरीक़ा पर मुस्लिम नौजवान अंधेरे ग़ार में चले जा रहे हैं।प्रोफ़ैसर ख़्वाजा नासिर उद्दीन ऐडमिनिस्ट्रेटर डाक्टर वे आर के वीमनस मैडीकल कॉलिज ने अपनी तक़रीर में कहा कि पेशा तिब्ब इंसानी ख़िदमत का ज़रीया है ।

एमबी बी ऐस में दाख़िला लेकर तलबा ने एक बड़े मुस्तक़बिल-ओ-मक़सद की शुरूआत की हैं इस मक़सद के हुसूल केलिए ना सिर्फ मेहनत की जाय बल्कि वो अपनेअसातिज़ा का अदब-ओ-एहतिराम करें और अपने वालदैन की उमंगों को पूरा करें क्योंकि उन्ही की क़ुर्बानीयों का नतीजा है कि एमबी बी ऐस में दाख़िला मिला और आइन्दा भी तरक़्क़ी होगी। उन्हों ने कहा कि जिस क़ौम के ख़ुद्दार और हुनरमंद नहीं होते हैं तो इस क़ौम को ज़िल्लत-ओ-रुसवाई का सामना करना पड़ता है लेकिन आज मुस्लिम मुआशरा में एकतबदीली आई है और मुस्लिम नौनिहाल हुसूल-ए-ताअलीम की तरफ़ माइल होरहे हैं अल्लाह का शुक्र है कि डाक्टर वज़ारत रसूल ख़ान जैसी शख़्सियत पेशावराना तालीम हासिल करने के ख़ाहिशमंद तलबा-ए-ओ- तालिबात को मवाक़े फ़राहम कररहे हैं ।

डाक्टर ख़ान ने मुस्लमानों की तरक़्क़ी का ख़ाब देखा था जो आज मैडीकल इंजीनीयरिंग फार्मेसी-ओ-एमबी ए जैसे प्रोफ़ैशनल कॉलिजस की शक्ल में हमारे में सामने है यहां तालीम हासिल करके मिल्लत के नौजवान अपने मुस्तक़बिल को ताबनाक-ओ-दरख़शां बना रहे हैं।शहि नशीन पर डाक्टर मधु सदन रेड्डी सपरनटनडनट शादा ं हॉस्पिटल डाक्टर ए ऐम मुहाजिर और डाक्टर जी आर भास्कर मौजूद थी। इन के इलावा डाक्टर शमशाद हुसैन डाक्टर एम एरफ़ीक़ और डाक्टर समीअ उल्लाह ख़ान के इलावा तलबा-ओ-सरपरस्तों की ख़ासी तादाद मौजूद थी।

बादअज़ां डाक्टर वे आर के वीमनस मैडीकल कॉलिज अज़ीज़ बाग़ में भी ओरियंटेशन प्रोग्राम का डाक्टर वज़ारत रसूल ख़ान की सदारत में इनइक़ाद अमल में आया जहां पर एमबी बी ऐस साल अव्वल में दाख़िले लेने मिलने वाली ख़ुशनसीब लड़कीयों को मुहतरमा शादां तहनियत ने अपने ख़ुसूसी ख़िताब में तलबा-ए-से कहा कि ये ज़िंदगी का पहला क़दम है यहां से बहुत आगे जाना है लिहाज़ा डिसिप्लिन की पाबंदी करें और अपने वालदैन की ख़्वाहिशों को पूरा करें।

डाक्टर वज़ारत रसूल ख़ान ने इस मौक़ा पर अक़ल्लीयती तालीमी इदारों के क़ियाम में पेश आने वाली दुशवारीयों का तज़किरा किया और कहा कि शादां एज्यूकेशन सोसाइटी कुमलक भर में पहला वीमनस मैडीकल कॉलिज क़ायम करने काएज़ाज़ हासिल है ।इस के इलावा दीगर पेशा वारना कोर्सस केलिए अलहदा तौर पर वीमनस कॉलिजस भी शादां एज्यूकेशन सोसाइटी की ज़ेर-ए-निगरानी काम कररहे हैं।प्रोफ़ैसर अहमद उल्लाह ख़ान और प्रोफ़ैसर ख़्वाजा नासिर उद्दीन ने अपने ज़र्रीन मश्वरों से नवाज़ा।डाक्टर ए वे चारी ने ख़ैरमक़दमी तक़रीर की

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