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शादीयों में बे-जा इसराफ़ के ख़िलाफ़ जमईयत उल-क़ुरैश की मुहिम

हैदराबाद 20 जुलाई: ऑल इंडिया जमईयत उल-क़ुरैश हैदराबाद ने शादी तक़ारीब में इसराफ़ से बचने के लिए सख़्त फ़ैसला लिया है। शादी में एक खाना और एक मीठा को लाज़िम करते हुए बेजा इसराफ़ की तक़ारीब के बाईकॉट का फ़ैसला किया है और साथ ही एसी तक़ारीब के ज़िम्मेदारों के ख़िलाफ़ 50 हज़ार रुपये जुर्माना आइद किया जाएगा। ऑल इंडिया जमईयत उल-क़ुरैश हैदराबाद की जनरल बॉडी मीटिंग मुनाक़िद हुवी। सदर ग्रेटर हैदराबाद अल्हाज मुहम्मद सलीम रुकन क़ानूनसाज़ कौंसिल-ओ-क़ाइद टीआरएसएस जनरल बॉडी मीटिंग की सदारत कर रहे थे।

मीटिंग में कई अहम क़रारदादें मंज़ूर की गईं। खास्कर शादी में यही इसराफ़ और बड़े जानवरों के ताजरीन को हरासानी के ख़िलाफ़ अहम फ़ैसला किया गया। जनरल बॉडी मीटिंग में ताजरीन को हरासानी के ख़िलाफ़ चीफ़ मिनिस्टर से नुमाइंदगी करने का फ़ैसला किया गया। बादअज़ां ऑल इंडिया जमईयत उल-क़ुरैश ग्रेटर हैदराबाद के सदर मुहम्मद सलीम ने कहा कि शादीयों में इसराफ़ को रोकने का अहम मक़सद निकाह को आसान बनाना है। उन्होंने कहा कि अल्लाह और इस के रसूल(स०) की नाराज़गी से बचने के लिए इसराफ़ तर्क करना होगा। उन्होंने बताया कि रस्म सादगी से किया जाएगा और सानचक शादी ख़ानों में अंजाम नहीं दी जाएगी। इस के अलावा एसी शादी का भी बाईकॉट किया जाएगा जहां जोड़े की रक़म और जहेज़ लिया या फिर दिया जाता हो।

अल्हाज मुहम्मद सलीम ने कहा कि क़ुरैश बिरादरी में यक्म अगस्ट से इस फ़ैसले पर सख़्ती से अमल किया जाएगा और एसी शादीयों की जानकारी और निगरानी के लिए एक कमेटी क़ायम की जाएगी। उन्होंने बताया कि एक खाना एक मीठा के साथ साथ गाने बजाने और आतशबाज़ी पर भी पाबंदी लगादी गई है और किसी भी किस्म की फुज़ूलखर्ची को क़बूल नहीं किया जाएगा।

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