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शादी का मतलब नई जिंदगी : सोनम

अपनी अगली फिल्म "डॉली की डोली" में मर्दों को शादी का झांसा देने वाली सोनम कपूर ने रिश्तों, शादी और मर्दों को लेकर बात की। शादी को आप क्या मानती हैं?

अपनी अगली फिल्म “डॉली की डोली” में मर्दों को शादी का झांसा देने वाली सोनम कपूर ने रिश्तों, शादी और मर्दों को लेकर बात की।

शादी को आप क्या मानती हैं?

मेरे लिए शादी का मतलब किसी के साथ घर बसाना और नई जिंदगी शुरू करना है। बहुत-से लोग मानते हैं कि एक अदाकारा की लाइफ शादी के साथ ही खत्म हो जाती है, लेकिन मैं मानती हूं कि लाइफ शादी के बाद तो शुरू होती है। अपनी कई दोस्तों समेत ऐसी लड़कियों को मैंने देखा है, जो शादी के दिन के लिए तो बहुत एक्साइटेड होती हैं, लेकिन उसके बाद साथ जिंदगी गुज़ारने के पहलू के बारे में उन्होंने ज्यादा नहीं सोचा होता। ऐसी लड़कियां गलती पर हैं कि वे अपने आउटफिट और घूमने-फिरने जाने वाली जगह को लेकर तो बहुत सोचती हैं, लेकिन अपने दूल्हे के बारे में कोई परवाह नहीं है। इसलिए मेरे लिए मैरिज अपने पार्टनर के साथ एक नई जिंदगी शुरू करना और साथ जिंदगी गज़ारना है, न कि इसके पहले वाली बेहूदा बातों का मतलब शादी है।

क्या आपकी शादी बहुत धूम धाम से होनी चाहिए?

“डॉली की डोली” में शादी के लिए बार-बार सजने के बाद तो अब मैं सोचती हूं कि मुझे कोर्ट मैरिज करनी चाहिए या भाग जाना चाहिए। अपनी शादी पर मैं सिर्फ सूती साड़ी पहनूंगी (मैं मजाक कर रही हूं)। दरअसल, मुझे नहीं मालूम कि मेरी शादी कैसी होगी, क्योंकि इसमे अभी काफी वक्त है। मेरा मानना है कि अगर आप इसे लेकर ज्यादा सोचते हैं, तो इसका मजा खत्म हो जाता है।

कौन‍सी ऐसी बात है, जो दूल्हे में नहीं होनी चाहिए?
बेईमानी मेरे लिए ईमानदारी बहुत मायने रखती है।

ऐसा कौन सा डर है, जिसे आप हसबैंड से छुपाना चाहेंगी?
मैरिज में सबसे अहम बात यही है कि आपको एक-दूसरे के बारे में सब कुछ पता हो… यहां तक कि बुरी बातें भी। आप किसी के साथ बाथरूम तक शेयर करने में कम्फर्टेबल हैं, तो छुपाना कैसा!

एक हैंडसम मैन के लिए आपके दिमाग में पहली बात क्या है?
मुझे लगता है कि लुक से ज्यादा पर्सनालिटी होनी चाहिए। हैंडसम वह है, जो हैंडसम काम करता है… मैं इसमें पूरा यकीन रखती हूं।

मैरिज अरेंज होगी या लव?
मुझे नहीं मालूम यह वक्त पर मुंहसिर करता है। मैंने बहुत-सी लव मैरिज टूटते देखी हैं, वहीं कई अरेंज मैरिज को भी बिगड़ते देखा है।

आपने अगर किसी को चुन लिया है, तो घरवालों की रजामंदी कितनी जरूरी है?
इंडिया में यह बहुत अहम है, खासतौर से आप खानदान के लिए शादी करते हैं। हमारा खानदान बहुत करीब से जुड़ा है, इसलिए उम्मीद तो यही है कि अगर मैं किसी को चूज करती हूं, तो मेरे वालिदैन उसे ओके कर देंगे। मैं ड्रामा नहीं चाहती, मेरी जिंदगी में पहले ही बहुत ड्रामा है। सबसे पहले मैं अपनी बहन को एतेमाद में लूंगी।

वक्फ होने के लिए तैयार हैं?
मैं तो पहले से ही बहुत वक़्फ हूं, क्योंकि पिछले आठ‍नौ सालो से आज मैं जहां भी पहुंची हूं, अपनी कड़ी मेहनत और वक़्फ से ही पहुंची हूं। वास्तव में बहुत अज़ीब होगा , अगर कोई इंसान काम के लिए मेरे वक़्फ को अपनी तरफ मोड़ पाए। मैरिज बहुत डराती भी है, क्योंकि आपको अपनी जिंदगी जीने का तरीका और तरजीहात बदलनी होती हैं। मैं 17 साल की उम्र से काम कर रही हूं और एक खास तरह से जीने की आदी हो गई हूं… मैं इसे बदलना नहीं चाहती।

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