Monday , December 18 2017

शादी के बगैर ताल्लुक़ात हिंदूस्तान में नापसंदीदा: अदालत

नई दिल्ली, १८ जनवरी (पी टी आई) शादी के बंधन में बंधे बगैर मिलकर ज़िंदगी गुज़ारने की अगरचे क़ानूनी तौर पर इजाज़त है लेकिन आज भी उसे गैर अख़लाक़ी तसव्वुर किया जाता है और ये रुजहान सिर्फ शहरी इलाक़ों में ज़्यादा देखा जा रहा है ।

नई दिल्ली, १८ जनवरी (पी टी आई) शादी के बंधन में बंधे बगैर मिलकर ज़िंदगी गुज़ारने की अगरचे क़ानूनी तौर पर इजाज़त है लेकिन आज भी उसे गैर अख़लाक़ी तसव्वुर किया जाता है और ये रुजहान सिर्फ शहरी इलाक़ों में ज़्यादा देखा जा रहा है ।

दिल्ली की अदालत ने आज उन ख़्यालात का इज़हार करते हुए बगैर शादी के अज़दवाजी ताल्लुक़ को गैर मक़बूल मग़रिबी कल्चर का प्रॉडक्ट क़रार दिया। एडीशनल सेशन जज सुरेंद्र एस राठी ने आज ये रिमार्कस किए जिन पर एक नया तनाज़ा खड़ा हो सकता है ।

उन्हों ने कहा कि गैर अज़दवाजी ताल्लुक़ात को हमारे मुल्क में अच्छी अलामत तसव्वुर नहीं किया जाता और उसे वाक़ियात शाज़-ओ-नादिर ही देखने में आते हैं। इस के इलावा ये वबा-ए-सिर्फ शहरी इलाक़ों में देखी जा रही है ।

उन्हों ने मिज़ोरम की एक ख़ातून को सात साल जेल और सात लाख रुपय जुर्माना की सज़ा सुनाते हुए इन एहसासात का इज़हार क्या । इस ख़ातून ने नाइजीरिया के शहरी को जिस के साथ वो बगैर शादी किए ज़िंदगी गुज़ार रही थी , तीन साल क़बल शुमाली दिल्ली में हलाक कर दिया था ।

TOPPOPULARRECENT