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शामी बागियों का इंतेहापसंदों की मदद से फ़ौजी अड्डा पर क़बज़ा

बेरूत, 12 दिसंबर: (ए पी) शामी बागियों ने इस्लामी इंतेहापसंद जंगजुओं की ताईद से आज एक वसीअ मिल्ट्री अड्डा पर मुकम्मल कंट्रोल हासिल कर लिया जिसके लिए दो रोज़ लड़ाई हुई जिसमें कम अज़ कम 35 हुकूमती सिपाही हलाक हुए , एक जहदकार ग्रुप ने ये बात कह

बेरूत, 12 दिसंबर: (ए पी) शामी बागियों ने इस्लामी इंतेहापसंद जंगजुओं की ताईद से आज एक वसीअ मिल्ट्री अड्डा पर मुकम्मल कंट्रोल हासिल कर लिया जिसके लिए दो रोज़ लड़ाई हुई जिसमें कम अज़ कम 35 हुकूमती सिपाही हलाक हुए , एक जहदकार ग्रुप ने ये बात कही।

ये मुल्क के शुमाल में दूसरा बड़ा अड्डा है जिसे बागियों ने अपने क़बज़े में ले लिया, जो हालिया हफ़्तों में इस इलाक़ा में कामयाबियां हासिल करते आए हैं और जुनूब की सिम्त दमिश्क़ की तरफ़ पेशक़दमी कर रहे हैं जो हुकूमत का दार उल-मुक़ाम है जिसे वो माज़ूल करना चाहते हैं।

बर्तानिया नशीन सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फ़ार ह्यूमन राईट्स जो शाम के अंदरून मौजूद जहदकारों के नेटवर्क पर इन्हिसार करता है, इसके मुताबिक़ जिहादी ग्रुपों बिशमोल अलक़ायदा से मरबूत जभात अल नसरा से ताल्लुक़ रखने वाले जंगजू उन लोगों में शामिल है जिन्होंने बागियों की सफ़ों में अमलन शिरकत की।

अल नसरा के जंगजू बागियों की तरफ़ से लड़ने वाले सबसे मूसिर जंगजू नज़र आए जिन्होंने हालिया कई कामयाबियों में नुमायां रोल अदा किया। जिहादी ग्रुपों की मौजूदगी ने अमेरीका और दीगर अक़्वाम में तशवीश पैदा कर दी है जो शाम में अपोज़ीशन की ताईद कर रहे हैं लेकिन नहीं चाहते कि इस ख़ित्ता में इंतेहापसंदों को इक़तिदार ( सत्ता/ शासन) हासिल हो।

अमेरीका ने इस हफ़्ता अल नसरा को बैरूनी दहशतगर्द तंज़ीम के तौर पर ब्लैक लिस्ट किया और कहा कि ये ग्रुप इराक़ में अलक़ायदा का हिस्सा रहा। शुमाली शहर हलब के करीब वसीअ शेख सुलेमान मिल्ट्री अड्डे के लिए लड़ाई उस वक़्त ख़त्म हुई जब बागियों ने इस मुक़ाम के बड़े कमपाउंड और गोदामों पर क़बज़ा कर लिया जहां मिल्ट्री रिसर्च सेंटर क़ायम है।

ऑब्ज़र्वेटरी ने कहा कि 35 सिपाही हलाक हुए लेकिन इस लड़ाई में बागियों को जानी नुक़्सान की कोई तादाद नहीं बताई।

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