शामी फ़ौज की क़ुव्वत वापस आ चुकी है

शामी फ़ौज की क़ुव्वत  वापस आ चुकी है
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गुज़िश्ता साल सितंबर में शाम में होने वाले रूसी फ़िज़ाई हमलों के बाद से असद हुकूमत की सबसे बड़ी कामयाबी रवां हफ़्ते साहिली सूबे इलाज़ किया के शहर-ए-सलमा पर क़ब्ज़ा है।

गुज़िश्ता बरस मुतअद्दिद फ़ौजी महाज़ों पर शिकस्त ख़ूर्दा होने के बाद शामी हुकूमत के पैर उखड़ते दिखाई दे रहे थे ताहम हालिया हफ़्तों के दौरान रूसी फ़िज़ाई हमलों की मदद से असद हुकूमत ने कई इलाक़ों पर दोबारा क़ब्ज़ा हासिल कर लिया है।

बशारुल असद की हुकूमत को ताहम महिदूद कामयाबियां हासिल हुई हैं और इस हुकूमत का मुकम्मल इन्हिसार लेबनान की हिज़्बुल्लाह तहरीक के ग़ैर मुल्की शीया जंगजूओं, ईरानी मुशीरों और अफ़्ग़ान और इराक़ी फ़ोर्सिज़ पर है।

इन अनासिर ही ने असद हुकूमत को शाम में एक नए ऑप्रेशन के आग़ाज़ और मुख़्तलिफ़ इलाक़ों को वापिस अपने क़ब्ज़े में लेने की इजाज़त दी थी।

इस शहर को 2012में बाग़ीयों ने अपने क़ब्ज़े में ले लिया था जिसके बाद ये बाग़ीयों का एक अहम गढ़ बन गया था।

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