Tuesday , January 23 2018

शामी फ़ौज पालमीरा पर दोबारा क़ब्ज़े के बहुत क़रीब

गुज़िश्ता बरस मई के माह से कट्टर इंतिहापसंद इस्लामिक स्टेट के जंगजूओं ने पालमीरा के इलाक़े पर क़ब्ज़ा कर के उसे महसूर कर रखा है। शामी फ़ौज इस तारीख़ी और स्ट्रेटेजिक एतबार से ग़ैर मामूली अहम इलाक़े को दोबारा अपने क़ब्ज़े में लेने की कोशिश एक अर्से से कर रही है।

ऐसा करने के बाद शामी फ़ौज पालमीरा से आई उसके क़ब्ज़े वाले मशरिक़ी सूबे दीरालज़ोर की तरफ़ एक सड़क खोल देना चाहती है। इस सहराई शहर पर शामी फ़ोर्सेस के दोबारा क़ब्ज़े होने की सूरत में शाम में गुज़िश्ता बरस से शुरू होने वाली रूसी फ़ौजी मुदाख़िलत के बाद से अब तक सदर बशारुल असद की सबसे अहम और बड़ी कामयाबी होगी।

रूस की पुश्तपनाही में कार्यवाहीयां करने वाली शामी हुकूमत मुल्क में पाँच साल से ज़्यादा अर्से से जारी ख़ाना-जंगी को बहुत हद तक अपने हक़ में मोड़ लेने में कामयाब होती दिखाई दे रही है।

पालमीरा जिसका तारीख़ी नाम तदम्मुर है, क़दीम रोमी दौर के मंदिरों और दालान या बरामदे का मर्कज़ी इलाक़ा है। इस्लामिक स्टेट के इंतिहा पसंदों ने उनमें से ज़्यादा तर तारीख़ी मुक़ामात को तबाह कर दिया है। पालमीरा शाम के मशरिक़ी और मग़रिबी हिस्से को मिलाने वाला अहम तरीन शहर है।

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