Monday , December 18 2017

शाम का मिल्ट्री एयरपोर्ट ख़ौफ़नाक जेल में तब्दील

शामी हुकूमत ने हुमा सिटी के एक मिल्ट्री ए रिपोर्ट को ऐसी ख़ौफ़नाक जेल में तब्दील कर रखा है जहां महरूसीन को हैंगरों में जकड़ कर रखा जाता है और अज़ियत नाक अंदाज़ में उन्हें ज़द्द-ओ-कूब(मार पीट) किया जाता है , हक़ूक़-ए-इंसानी के जहद कार

शामी हुकूमत ने हुमा सिटी के एक मिल्ट्री ए रिपोर्ट को ऐसी ख़ौफ़नाक जेल में तब्दील कर रखा है जहां महरूसीन को हैंगरों में जकड़ कर रखा जाता है और अज़ियत नाक अंदाज़ में उन्हें ज़द्द-ओ-कूब(मार पीट) किया जाता है , हक़ूक़-ए-इंसानी के जहद कारों , निगरानकार इदारों और साबिक़ा महरूसीन ने ये बात कही है ।

1982 की बग़ावत के मुक़ाम की हैसियत से मारूफ़ ये वो जगह है जहां सदर बशारुल असद के वालिद और पेशरू हाफ़िज़ असद की जानिब से दसियों हज़ार अम्वात के दरमियान बग़ावत को कुचला गया ।

गिरफ़्तार किए जाने वालों को अक्सर हुमा मिल्ट्री ए रिपोर्ट भेजा जाता है जहां से ना सिर्फ जंगी तय्यारे फ़िज़ाई कार्यवाइयों के लिए उड़ान भरते हैं बल्कि इस मुक़ाम को ख़ौफ़ज़दा एयरफ़ोर्स इंटेलिजेंस सरविस की जानिब से एक जेल के तौर पर भी इस्तिमाल किया जा रहा है ।

अबू ग़ाज़ी ने कहा कि महरूसीन को जहां कहीं मुंतक़िल किया जाय चाहे वो कोई सिक्योरिटी ब्रांच होया किसी अस्पताल में आरिज़ी हिरासती मर्कज़ , उन्हें बहरहाल अज़ियत में मुबतला रखा जाता है ।

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