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शाम के तनाज़े पर तंज़ीम इस्लामी चोटी कान्फ्रेंस मुनक़सिम

क़ाहिरा, 08 फरवरी: ( ए एफ़ पी) तंज़ीम इस्लामी तआवुन क़ाइदीन का आज चोटी कान्फ्रेंस के दूसरे और आख़िरी दिन इजलास मुनाक़िद हुआ । जिसके मौज़ूआत पर शाम का तनाज़ा ग़ालिब रहा । जिसके नतीजा में आलम इस्लाम फ़िर्कावाराना ख़ुतूत पर मुनक़सिम हो गया ।

क़ाहिरा, 08 फरवरी: ( ए एफ़ पी) तंज़ीम इस्लामी तआवुन क़ाइदीन का आज चोटी कान्फ्रेंस के दूसरे और आख़िरी दिन इजलास मुनाक़िद हुआ । जिसके मौज़ूआत पर शाम का तनाज़ा ग़ालिब रहा । जिसके नतीजा में आलम इस्लाम फ़िर्कावाराना ख़ुतूत पर मुनक़सिम हो गया ।

तंज़ीम इस्लामी तआवुन के 57 अरकान में से निस्फ़ का बंद दरवाज़ा इजलास सुबह के वक़्त शुरू हुआ और क़तई प्रेस कान्फ्रेंस के साथ शाम में चोटी कान्फ्रेंस का इख्तेताम मुतवक़्क़े है । शाम के बारे में एक बरसर क़रारदाद शाम की अपोज़ीशन और सरकारी ओहदेदारों के दरमियान संजीदा मुज़ाकरात का मुतालिबा करता है ।

ऐसे ओहदेदारों से बातचीत करने की तजवीज़ पेश की गई है जो रास्त तौर पर जबर में मुलव्वस नहीं है । वुज़राए ख़ारिजा मिस्र ईरान तुर्की का इजलास शाम के मौज़ूं पर चोटी कान्फ्रेंस के दौरान अलैहदा तौर पर मुनाक़िद किया गया । एक दिन क़बल सदर मिस्र मुहम्मद मोर्सी ने सदर तुर्की अबदुल्लाह गुल और सदर ईरान महमूद अहमदी नेज़ाद से इस मसला पर बातचीत की थी ।

नायब वज़ीर‍ ए‍ ख़ारेजा ईरान मुहम्मद अखुंद ज़ादा ने कहा कि कार्रवाई जारी है । कल के इजलास में सदर मिस्र ने सदर ईरान पर ज़ोर दिया था कि वो अपोज़ीशन की ताईद और उनके साथ इत्तिहाद ख़त्म कर दे । शामी अपोज़ीशन की मुत्तहदा तंज़ीम के क़ाइद अहमद मुइज़ अलख़तीब ने नायब सदर शाम फ़ारूक़ अलिशारह से बातचीत पर आमादगी ज़ाहिर की जो गुज़श्ता 23 माह की ख़ानाजंगी के दौरान इन्किसार का रवैय्या इख्तेयार किए हुए हैं ।

कल मुहम्मद मोर्सी ने चोटी कान्फ्रेंस से ख़िताब करते हुए शाम की अपोज़ीशन से जो बुरी तरह मुनक़सिम है मुत्तहिद हो जाने की अपील की थी और बशर अल असद की हुकूमत को इंतिबाह दिया था कि वो तारीख़ से सबक़ सीखें और अवामी मुतालिबात तस्लीम करें । उन्होंने बैन मुस्लिम फ़िर्कावाराना इख़्तेलाफ़ात के ख़िलाफ़ भी इंतिबाह दिया और कहा कि ख़ुदा ना करे कि मुस्लिम क़ौम के दुश्मन अब तक जो कुछ हासिल नहीं कर पाए इस इख़्तेलाफ़ की वजह से हासिल करने में कामयाब हो जाएं ।

शाम का तनाज़ा जहां की अक्सरीयत सुन्नी ज़ेर-ए-क़ियादत बाग़ीयों पर मुश्तमिल है अक्लीयती अलवी तबक़ा के ग़लबा वाली बशरअलअसद हुकूमत को इक़तिदार ( सत्ता) से बेदख़ल करने की कोशिश कर रहे हैं । उसकी वजह से सुन्नीयों और शीयों में फ़िर्कावाराना इख़्तेलाफ़ात जो पहले ही से देरीना है मज़ीद शिद्दत इख्तेयार कर गए हैं ।

शीया ईरान बशर अल असद का सबसे बड़ा हामी है । जिनका अलवी फ़िर्क़ा शीया इस्लाम की ही एक शाख़ है । जबकि सुन्नी मुमलकतें जैसे सऊदी अरब क़तर और इख़वान अलमुस्लिमीन ज़ेर-ए-क़ियादत मिस्र बाग़ीयों की भरपूर हिमायत कर रहे हैं । सदर मोर्सी के तर्जुमान यासिर अली ने कहा कि अहमदी नेज़ाद पहले ईरानी क़ाइद हैं जिन्होंने 1979 के इस्लामी इन्क़िलाब के बाद मिस्र का दौरा किया है ।

उन से कहा गया था कि ईरान के मुफ़ादात आलिम अरब से वाबस्ता हैं और उन्हें शामी अवाम की ताईद करना चाहिये। मिस्री सरकारी टी वी पर कल देर गए इंटरव्यू देते हुए अहमदी नेज़ाद ने कहा था कि वो चाहते हैं कि शामी अपोज़ीशन और हुकूमत बाहमी मुफ़ाहमत के ज़रीया बोहरान का हल तलाश करने के लिए बातचीत करें।

बातचीत के नतीजा में आज़ादाना इंतेख़ाबात मुनाक़िद किए जा सकते हैं और शामी अवाम शाम की क़िस्मत का फ़ैसला कर सकते हैं । ईस्लामाबाद से पी टी आई की इत्तिला के बमूजब तंज़ीम इस्लामी तआवुन चोटी कान्फ्रेंस ने पाकिस्तान की ताईद करते हुए हिंदूस्तान से ख़ाहिश की कि ओ आई सी के इन्किशाफ़ हक़ायक़ मिशन बैन-उल-अक़वामी इंसानी हुक़ूक़ ग्रुप्स और इंसानी तंज़ीमों को जम्मू कश्मीर का दौरा करने की इजाज़त दी जाये ताकि वहां हुक़ूक़ की सूरत-ए-हाल का तख़मीना कर सकें ।

तंज़ीम इस्लामी तआवुन कान्फ्रेंस में एक मुशतर्का आलामीया भी मंज़ूर किया गया । ये चोटी कान्फ्रेंस आज इख़्तेताम पज़ीर हो गई।

आलामीया में पाकिस्तान की इस तजवीज़ का ख़ौरमक़दम किया गया कि हिंदूस्तान के लिए अक़वाम-ए-मुत्तहिदा के फ़ौजी मुबस्सिरीन के ग्रुप और पाकिस्तान दोनों ने ख़त क़बज़ा पर जंगबंदी की ख़िलाफ़वरज़ी की मुज़म्मत की है।

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