शाम के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए कैमरन का ओबामा से रब्त

शाम के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए  कैमरन का ओबामा से रब्त
वज़ीर-ए-आज़म बर्तानिया डेविड कैमरन ने सदर अमरीका बराक ओबामा से आज शाम की ताज़ा सूरत-ए-हाल पर तबादला-ए-ख़्याल किया। उन्हों ने फ़ोन पर रब्त क़ायम करते हुए जंगी तैयारियों और लायेहा-ए-अमल के बारे में बात की। दोनों ममालिक शाम में फ़ौजी मुदाख़

वज़ीर-ए-आज़म बर्तानिया डेविड कैमरन ने सदर अमरीका बराक ओबामा से आज शाम की ताज़ा सूरत-ए-हाल पर तबादला-ए-ख़्याल किया। उन्हों ने फ़ोन पर रब्त क़ायम करते हुए जंगी तैयारियों और लायेहा-ए-अमल के बारे में बात की। दोनों ममालिक शाम में फ़ौजी मुदाख़िलत का मंसूबा रखते हैं।

डाउनिंग स्ट्रीट के मुताबिक़ डेविड कैमरन ने शाम के बारे में अमरीका के ताज़ा मौक़िफ़ के ताल्लुक़ से जानकारी हासिल की जबकि नैशनल सेकोरेटी कौंसल का इजलास आज मुनाक़िद होने वाला है , इस के इलावा ऐवान नुमाइंदगान में राय दही जुमेरात को होगी। डेविड कैमरन ने कहा कि ताहाल कोई फ़ैसला नहीं किया गया है लेकिन जो भी कार्रवाई की जाएगी वो क़ानूनी होगी और मुनासिब नौईयत की कार्रवाई की जाएगी। इसका मक़सद मुस्तक़बिल में कीमीयाई हथियारों के इस्तिमाल से रोकना होगा। इस तरह ये कार्रवाई आइन्दा कीमीयाई हथियारों के इस्तिमाल के मुआमले में मुज़ाहम होगी।

कैमरन ने कहा कि वो मुसल्लह फ़ौज के तहफ़्फ़ुज़ के सिलसिले में ज़िम्मेदार होंगे और सारी कार्रवाई एहतियात के साथ अंजाम दी जाएगी। सब से अहम सवाल ये है कि हमारी कार्रवाई का मक़सद ये होगा कि कीमीयाई हथियारों का इस्तिमाल ख़त्म हुआ या नहीं। हुकूमते शाम ने अपोज़िशन जंगजूओं को कीमीयाई हथियारों के इस्तिमाल के लिए मौरिदे इल्ज़ाम क़रार दिया गया है।

दमिशक़ के क़रीब 21 अगस्त मुबय्यना तौर पर कीमीयाई हथियारों के ज़रिया हमला किया गया था जिसमें बेशुमार अफ़राद हलाक हो गए थे। इस हमले के बाद डेविड कैमरन और ओबामा का ये फ़ोन पर दूसरी मर्तबा राबिता था। वज़ीर-ए-ख़ारजा विलियम हेग ने रोज़नामा टैलीग्राफ़ में शाय एक मज़मून में कहा कि बर्तानिया के पास दो रास्ते हैं, वो फ़ौजी हमला कर सकता है या फिर दुनिया भर में मुहिम चलाते हुए कीमीयाई हथियारों के इस्तिमाल को रोका जाये। अक़वाम-ए-मुत्तहिदा के मुताबिक़ शाम में जारी लड़ाई पहले ही बदतरीन पनाह गज़ीन बोहरान में तबदील हो चुकी है और तक़रीबन दो मिलियन अफ़राद पनाह गज़ीनों की ज़िंदगी गुज़ार रहे हैं। इस जंग में एक लाख से ज़ाइद अफ़राद हलाक हो चुके हैं। समझा जाता है कि 21 वीं सदी में पहली मर्तबा दुनिया में किसी मुक़ाम पर कीमीयाई जंग शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि अक़वाम-ए-मुत्तहिदा सलामती कौंसल को इस जंग की मज़म्मत करते हुए अपनी ज़िम्मेदारी पूरी करनी चाहीए। इस दौरान अमरीका ने आज कहा है कि वो शाम में इक़तिदार की तबदीली नहीं चाहता और सदर बशार अलअसद हुकूमत के ख़िलाफ़ मुबय्यना तौर पर कीमीयाई हथियारों के इस्तिमाल की वज्ह से फ़ौजी कार्रवाई की जाएगी।

वाईट हाओज़ प्रेस सेक्रेटरी जय करने ने रिपोर्टर्स को बताया कि हम ये वाज़िह करना चाहते हैं कि शाम में इक़तिदार की तबदीली का कोई मंसूबा नहीं है। वहाँ की हुकूमत ने बैनुल अकवामी क़वानीन की वाज़िह तौर पर ख़िलाफ़वर्ज़ी की है और उसने कीमीयाई हथियार इस्तिमाल किए हैं। लिहाज़ा ज़रूरी फ़ौजी कार्रवाई की जाएगी। इसके इलावा हम अपोज़िशन इत्तिहाद की भी ताईद करेंगे जो बशार अल असद हुकूमत के ख़िलाफ़ जद्द-ओ-जहद कर रहा है। वहां की हुकूमत इक़तिदार पर क़ाबिज़ रहने के लिए अपने ही अवाम का क़तल-ए-आम जारी रखे हुए हैं। चुनांचे हमारा ईक़ान है कि शाम के मुस्तक़बिल में बशार अल असद को इक़तिदार में शामिल नहीं किया जा सकता, लेकिन उस वक़्त हम जो भी कार्रवाई करेंगे , वो इक़तिदार की तबदीली के लिए नहीं होगी। हमारा ये ईक़ान है कि इस लड़ाई को सियासी मुज़ाकरात और बातचीत के ज़रिया हल किया जाना चाहीए।

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