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शाम में अरब फ़ौजीयों की ताय्युनाती की तजवीज़ मुस्तर्द

दमिशक़। 19 जनवरी ( ए एफ पी ) शाम ने क़तर की जानिब से मुल्क में दस साल से जारी खूँरेज़ बदअमनी के वाक़ियात की रोक थाम केलिए अरब फ़ौज की ताय्युनाती की तजवीज़ मुस्तर्द कर दी है। ये बात शाम की वज़ारत-ए-ख़ारजा ने मंगल को कही । वज़ारत-ए-ख़ारज

दमिशक़। 19 जनवरी ( ए एफ पी ) शाम ने क़तर की जानिब से मुल्क में दस साल से जारी खूँरेज़ बदअमनी के वाक़ियात की रोक थाम केलिए अरब फ़ौज की ताय्युनाती की तजवीज़ मुस्तर्द कर दी है। ये बात शाम की वज़ारत-ए-ख़ारजा ने मंगल को कही । वज़ारत-ए-ख़ारजा ने एक ब्यान में कहा कि शाम क़तर के हुक्काम की जानिब से शाम में अरब फ़ौज की ताय्युनाती के बारे दीए गए ब्यानात को मुस्तर्द करता है। ये इक़दाम बोहरान को मज़ीद ख़राब और ग़ैर मुल्की मुदाख़िलत की राह हमवार करेगा।

वज़ारत-ए-ख़ारजा का कहना है कि शाम के अवाम किसी भी नाम से ग़ैर मुल्की मुदाख़िलत को मुस्तर्द करते हैं और वो शाम की ख़ुदमुख़तारी इलाक़ाई सालमीयत को नुक़्सान पहुंचाने की किसी भी कोशिश की मुख़ालिफ़त करेंगे। वज़ारत का कहना था कि अरब फ़ौजीयों का ख़ून शाम की सरज़मीन पर बहे ये अफ़सोसनाक होगा। वाज़ेह रहे कि अमीर क़तर शेख़ हम्माद बिन ख़लीफ़ा एलिसानी ने गुज़शता हफ़्ते एक इंटरव्यू में ये तजवीज़ रखी थी कि वो शाम में क़तल-ए-आम रोकने केलिए अरब फ़ौजीयों की ताय्युनाती के हक़ में हैं।

शाम अरब लीग के निग्र नक़्क़ारों के मिशन को बरक़रार रख सकता है जो जुमेरात को ख़तम होरहा है लेकिन सदर बशारालासद के मुख़ालिफ़ीन का मुतालिबा है कि अक़वाम-ए-मुत्तहिदा को मुदाख़िलत करना चाहीए ।

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