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शाम में मुनहरिफ़ फ़ौजीयों ने 27 सिपाहीयों को हलाक कर दिया

बेरूत १६ दिसम्बर (ए पी) शाम के मुनहरिफ़ फ़ौजीयों ने तक़रीबन 27 सिपाहीयों और सैक्योरिटी फोर्सेस को आज जुनूबी सूबा दारा में हुई झड़पों में हलाक कर दिया। समाजी कारकुनों ने बताया कि मुल्क भर में बदअमनी बढ़ती जा रही है और तशद्दुद के वाक़िया

बेरूत १६ दिसम्बर (ए पी) शाम के मुनहरिफ़ फ़ौजीयों ने तक़रीबन 27 सिपाहीयों और सैक्योरिटी फोर्सेस को आज जुनूबी सूबा दारा में हुई झड़पों में हलाक कर दिया। समाजी कारकुनों ने बताया कि मुल्क भर में बदअमनी बढ़ती जा रही है और तशद्दुद के वाक़ियात को देखते हुए ये अंदेशे पैदा हो रहे हैं कि मुल्क में ख़ानाजंगी छिड़ जाएगी।

अगर मुनहरिफ़ फ़ौजीयों की झड़प की इत्तिला की तौसीक़ होजाए तो ये बाग़ी फ़ौजीयों का अब तक का सब से खूँरेज़ हमला तसव्वुर किया जाएगा। शाम में 9 माह क़बल शुरू हुई मुख़ालिफ़ हुकूमत बग़ावत के बाद इस नौईयत का ये पहला हमला होगा।

बर्तानिया में मौजूद शाम के हक़ूक़-ए-इंसानी नगर इनकार इदारा ने बताया कि 3 अलैहदा झड़पें हुईं। ताहाल किसी ने भी फ़ौरी तौर पर ज़िम्मेदारी क़बूल नहीं की लेकिन तुर्की में मौजूद बाग़ी ग्रुप शाम की आज़ादी फ़ौज ने मुल्क भर में इस तरह के हमले करने का माज़ी में दावा किया है।

अक़वाम-ए-मुत्तहिदा ने कहाकि मार्च में शुरू हुई बग़ावत में अब तक मरने वालों की तादाद 5 हज़ार से तजावुज़ कर गई है। सदर बशारालासद हुकूमत को बैन-उल-अक़वामी सतह पर यक्का-ओ-तन्हा करने की कोशिशें जारी हैं और हुकूमत के ख़िलाफ़ कई तहदीदात भी आइद कर दी हैं।

ओबामा इंतिज़ामीया ने बशारालासद हुकूमत के ज़वाल की पेश क़ियासी की और एक सीनीयर ओहदेदार ने उन की हुकूमत को मुर्दा क़रार दिया है। स्टेट डिपार्टमैंट के मलिक शाम से मुताल्लिक़ उमोर के ओहदेदार हूफ ने कहाकि हमारी नज़र में बशारालासद हुकूमत की मिसाल उस शख़्स की तरह है जैसे कोई मुर्दा चल रहा हो।

उन्हों ने शाम के हालात का शुमाली कोरिया के दार-उल-हकूमत प्योंग्यांग से तक़ाबुल किया। उन्हों ने कहाकि ये कहना मुश्किल है कि बशारालासद के पास अब कितना वक़्त बाक़ी रह गया है। वो नहीं समझते कि मौजूदा हुकूमत ज़्यादा अर्सा तक बरक़रार रहेगी।

इन्हिराफ़ की हौसलाअफ़्ज़ाई करते हुए हूफ ने शाम की फ़ौज और बशारालासद के सरकरदा ओहदेदारों को ख़बरदार किया कि इन के ख़िलाफ़ जंगी जराइम के मुक़द्दमात चलाए जा सकते हैं। इस दौरान अक़वाम-ए-मुत्तहिदा के जनरल सैक्रेटरी बांकी मून ने शाम की सूरत-ए-हाल को इंतिहाई तशवीशनाक क़रार देते हुए आलमी बिरादरी से इंसानियत की बुनियाद पर फ़ौरी हरकत में आने की अपील की जहां तशद्दुद बढ़ता जा रहा है और 9 माह से जारी एहतिजाज के दौरान 5 हज़ार से ज़ाइद लोग हलाक हो चुके हैं।

उन्हों ने कहाकि हलाकतों का सिलसिला जारी नहीं रखा जा सकता। अब वक़्त आचुका हीका बैन-उल-अक़वामी बिरादरी अपनी ज़िम्मेदारी पूरी करी। बांकी मौन ख़तन साल पर सालाना न्यूज़ कान्फ़्रैंस से ख़िताब कर रहे थे।

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