शाम में ख़ूँरेज़ी के ख़ातमा के लिए मिस्र के अहम रोल पर ज़ोर

शाम में ख़ूँरेज़ी के ख़ातमा के लिए मिस्र के अहम रोल पर ज़ोर
ईस्लामाबाद, 19 मार्च: (पी टी आई) पाकिस्तान के सदर आसिफ़ अली ज़रदारी ने अपने मिस्री हम मंसब मुहम्मद मोर्सी से कहा है कि अरब ममलकत शाम में जारी ख़ूँरेज़ी के ख़ातमा के लिए वो पाकिस्तान के साथ काम करें ताकि शामी बोहरान का पुरअमन हल तलाश की जा स

ईस्लामाबाद, 19 मार्च: (पी टी आई) पाकिस्तान के सदर आसिफ़ अली ज़रदारी ने अपने मिस्री हम मंसब मुहम्मद मोर्सी से कहा है कि अरब ममलकत शाम में जारी ख़ूँरेज़ी के ख़ातमा के लिए वो पाकिस्तान के साथ काम करें ताकि शामी बोहरान का पुरअमन हल तलाश की जा सके ।

मिस्टर ज़रदारी ने आज ईस्लामाबाद में सदर मोर्सी से बातचीत कर रहे थे। मिस्र के सदर आज सुबह यहां पहुंचे और आला सतही वफ़द के साथ कल से हिंदूस्तान के तीन रोज़ा दौरा का आग़ाज़ करेंगे ताकि मिस्र के साथ तिजारत और सरमायाकारी को फ़रोग़ दिया जा सके । पाकिस्तान के सदरारती तर्जुमान फ़रहत उल्लाह बाबर ने बातचीत के बाद अख़बारी नुमाइंदों से कहा कि शाम की सूरत-ए-हाल पर ज़रदारी ने कहा कि पाकिस्तान और मिस्र को चाहीए कि वो उम्मत मुस्लिमा की आम बेहतरी और इलाक़ाई अमन के लिए क़रीबी रब्त ज़ब्त-ओ-बाहमी तआवुन के साथ काम करें ।

मिस्टर ज़रदारी ने शाम में ख़ूनख़राबा ख़त्म करने और शामी बोहरान का पुरअमन हल तलाश करने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया । मिस्टर ज़रदारी ने मज़ीद कहा कि पाकिस्तान अरब जमहूरीया शाम की इलाक़ाई यकजहती पर यक़ीन रखता है और ख़ुदमुख्तारी का एहतिराम करता है कोई भी बैरूनी मुदाख़िलत इस मुल्क की पहले ही से पेचीदा सूरत-ए-हाल में मज़ीद अबतरी का सबब बन सकती है जिस के पड़ोसी ममालिक पर संगीन असरात मुरत्तिब हो सकते हैं ।

उन्होंने कहा कि शाम में अमन के लिए ख़ुद शामी शहरीयों को कोशिश करना होगा । ताहम ज़रदारी ने ये भी कहा कि शामी बोहरान का मुसिर हल तलाश करने के लिए पाकिस्तान अपना रोल अदा कर सकता है । सदर ज़रदारी की दावत पर मिस्र के सदर मोर्सी पाकिस्तान का दौरा कर रहे हैं ।

1960 की दहाई में जमाल अब्दुल नासिर के बाद मिस्र के किसी सदर का ये पहला दौरा पाकिस्तान है । पाकिस्तानी वज़ारत‍ ए‍ ख़ारेजा ने सदर मोर्सी के इस दौरा को बाहमी ताल्लुक़ात में एक संग-ए-मील क़रार दिया है और कहा है कि इस से तिजारती इक़्तेसादी और सक़ाफ़्ती ताल्लुक़ात को ज़बरदस्त फ़रोग़ हासिल होगा ।

सदर ज़रदारी से दू बदू बातचीत के बाद सदर मोर्सी ने सदारती महल में वफ़द की सतह पर मुज़ाकरात में हिस्सा लिया । इस मौक़े पर उम्मत मुस्लिमा के मसाइल पर तबादला-ए-ख़्याल किया गया और मुसलमानों बिलख़सूस आलम ए अरब पर ज़ोर दिया गया कि वो अपने फिरवी इख्तेलाफ़ात को ख़त्म करते हुए इत्तिहाद पैदा करे क्योंकि दुनिया भर में मुसलमानों और आलम अरब को अहम चैलेंजों का सामना है ।

सदर ज़रदारी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि शाम के बोहरान पर उम्मत मुस्लिमा और आलम अरब ख़ामोश नहीं रह सकते और एक पुरअमन हल तलाश करने के लिए मुत्तहदा मसाई ( कोशिश) की ज़रूरत है ।

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